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mujhe fragnances atti hai jaise hawan ki....dheyan bhi lgta hai ...agge kya kre.

mujhe fragnances atti hai jaise hawan ki....dheyan bhi lgta hai ...agge kya kre...meri body sometimes raat ko ajib c sikudne lgti hai jaise body main kuch khivh rha ho...ye kya hai n agge kya krain ??  यदि ध्यान के दौरान या उसके बाद आपको हवन जैसी सुगंध का अनुभव होता है और ध्यान भी सहज लगने लगता है, तो आध्यात्मिक परंपराओं में ऐसे अनुभवों को कभी-कभी मन की सूक्ष्म एकाग्रता या साधना के दौरान होने वाले आंतरिक अनुभवों के रूप में देखा जाता है। इसी प्रकार, रात में शरीर का सिकुड़ना या भीतर कुछ खिंचने जैसा महसूस होना भी कुछ साधकों को ध्यान के समय अनुभव हो सकता है। लेकिन केवल इन अनुभवों के आधार पर किसी निश्चित आध्यात्मिक अवस्था का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। आपका लक्ष्य अनुभवों का संग्रह नहीं, बल्कि मन की स्थिरता, नाम सिमरन और ईश्वर के प्रति प्रेम होना चाहिए। यदि ये अनुभूतियाँ बिना दर्द और भय के हैं, तो शांत रहकर नियमित साधना जारी रखें। लेकिन यदि शरीर का सिकुड़ना, दर्द, घबराहट या अन्य असामान्य लक्षण बार-बार हों या बढ़ने लगें, तो किसी योग्य चिकित्सक से भी अवश्य जाँच कराएँ, ताकि किसी शारीरिक...

कोई रात 11:30 बजे कान में स्वाहा बोलके गाई Someone whispered 'Swaha' in the ear at 11:30 pm.

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 कोई रात 11:30 बजे कान में स्वाहा बोलके गाई Someone whispered 'Swaha' in the ear at 11:30 pm. पके द्वारा अनुभव किया गया "कान में 'स्वाहा' बोलने" का अनुभव गहन और सूक्ष्म जगत से जुड़ा प्रतीत होता है। यह किसी आध्यात्मिक संकेत, ऊर्जा, या सूक्ष्म शक्ति के आपकी चेतना से संपर्क करने का प्रयास हो सकता है। इसे बेहतर समझने और उचित दिशा में कदम उठाने के लिए आइए इसे विस्तार से देखें: 1. 'स्वाहा' का अर्थ और संदर्भ: 'स्वाहा' वैदिक मंत्रों में एक महत्वपूर्ण शब्द है, जो अग्नि (आग) में आहुति देने के लिए प्रयोग होता है। इसका उपयोग ऊर्जा को समर्पित या परिवर्तित करने के लिए किया जाता है। यदि आप इसे सुन रहे हैं, तो यह संकेत हो सकता है कि: आपकी ऊर्जा जागृत हो रही है और किसी सूक्ष्म शक्ति ने संपर्क किया है। यह आपके ध्यान, साधना, या कर्मों का परिणाम हो सकता है, जो आपकी चेतना को अधिक संवेदनशील बना रहा है। 2. यह अनुभव क्यों हो सकता है? सूक्ष्म जगत का प्रभाव: ध्यान और साधना से हमारी ऊर्जा और चेतना सूक्ष्म स्तर पर जागृत होती है। यह अनुभव किसी दिव्य शक्ति या आपके इष्ट देव ...