guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green colour second time ke liye aata hai fir kuch nhi dikh rha पहले तीसरी आंख में नीले रंग की स्क्रीन दिखना शांति, गहराई और आध्यात्मिक सुरक्षा का संकेत था। अब बीच-बीच में हरे रंग का आना दर्शाता है कि आपकी साधना की ऊर्जा हीलिंग, संतुलन और हृदय चक्र से जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह रंग परिवर्तन सामान्य है और साधना के विभिन्न चरणों में होता है। कुछ समय तक रंग न दिखना भी संकेत है कि चेतना आंतरिक स्थिरता ले रही है और मन को विश्राम चाहिए। इसे रुकावट न समझें, बल्कि अभ्यास जारी रखें। धैर्य और नामजप से आगे और गहरे अनुभव होंगे।

मुझे तीसरी आँख पर प्रकाश दिखता है लेकिन उसे आगे कुछ नहीं दिखता प्रकाश दिखता है, बहुत समय हो गया है कृपा मेरा मार्गदर्शन कीजिए

 मुझे तीसरी आँख पर प्रकाश दिखता है लेकिन उसे आगे कुछ नहीं दिखता प्रकाश दिखता है, बहुत समय हो गया है कृपा मेरा मार्गदर्शन कीजिए


तीसरी आँख (आज्ञा चक्र) पर प्रकाश का अनुभव एक महत्वपूर्ण और गहन ध्यान का संकेत है। यह आपकी आध्यात्मिक यात्रा में एक प्रगति का प्रतीक है, लेकिन यह भी आवश्यक है कि इस अनुभव को समझने और आगे बढ़ने के लिए सही दृष्टिकोण अपनाया जाए।

आपकी स्थिति को समझते हुए, मैं आपको निम्नलिखित मार्गदर्शन दे सकता हूँ:

1. ध्यान में स्थिरता बनाए रखें

  • केवल प्रकाश देखने पर केंद्रित न रहें। प्रकाश आपकी ध्यान साधना का एक चरण है, लेकिन यह अंतिम गंतव्य नहीं है। इसे स्वीकार करें, लेकिन इसे पकड़ने या नियंत्रित करने की कोशिश न करें।
  • अपनी साधना को नित्य रूप से जारी रखें। यदि आप पहले से किसी मंत्र का जाप करते हैं, तो उसे करते रहें।

2. ध्यान का उद्देश्य समझें

  • प्रकाश के अनुभव को केवल एक संकेत मानें कि आप सही दिशा में हैं। ध्यान का मुख्य उद्देश्य आत्मा से जुड़ना और आंतरिक शांति को महसूस करना है।
  • अपनी चेतना को उस प्रकाश में डूबने दें और उसे अपनी मार्गदर्शक बनने दें।

3. सहजता के साथ ऊर्जा का संतुलन बनाए रखें

  • तीसरी आँख पर अधिक ध्यान केंद्रित करने से सिरदर्द या भारीपन हो सकता है। इसे संतुलित करने के लिए जड़ चक्र (मूलाधार) पर ध्यान दें।
  • "लम" बीज मंत्र का जप करें और धरती से जुड़ने की भावना का अभ्यास करें।

4. अपनी श्वास पर ध्यान दें

  • धीमी और गहरी सांस लें। यह आपकी ऊर्जा को स्थिर करने और ध्यान को गहराई देने में मदद करेगा।

5. शंका या डर को छोड़ें

  • यदि आप "आगे कुछ नहीं दिखता" को लेकर उलझन या चिंता महसूस कर रहे हैं, तो इसे ध्यान के दौरान छोड़ने का प्रयास करें। आपकी यात्रा स्वाभाविक रूप से खुलेगी।

6. आध्यात्मिक मार्गदर्शन लें

  • यदि संभव हो, तो किसी अनुभवी गुरु से मार्गदर्शन प्राप्त करें। वे आपकी स्थिति को और अधिक गहराई से समझ सकते हैं और उचित सलाह दे सकते हैं।

7. साधना का संतुलन बनाए रखें

  • अन्य चक्रों पर भी ध्यान दें। यह सुनिश्चित करेगा कि आपकी ऊर्जा स्थिर और संतुलित बनी रहे।

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