guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green colour second time ke liye aata hai fir kuch nhi dikh rha पहले तीसरी आंख में नीले रंग की स्क्रीन दिखना शांति, गहराई और आध्यात्मिक सुरक्षा का संकेत था। अब बीच-बीच में हरे रंग का आना दर्शाता है कि आपकी साधना की ऊर्जा हीलिंग, संतुलन और हृदय चक्र से जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह रंग परिवर्तन सामान्य है और साधना के विभिन्न चरणों में होता है। कुछ समय तक रंग न दिखना भी संकेत है कि चेतना आंतरिक स्थिरता ले रही है और मन को विश्राम चाहिए। इसे रुकावट न समझें, बल्कि अभ्यास जारी रखें। धैर्य और नामजप से आगे और गहरे अनुभव होंगे।

गुरु जी में ध्यान लगाना चाहती हु ध्यान लगता नहीं है क्या करूँ गुरु जी कृपया बताइये

 गुरु जी में ध्यान लगाना चाहती हु ध्यान लगता नहीं है क्या करूँ गुरु जी कृपया बताइये



ध्यान लगाना एक अद्भुत आध्यात्मिक प्रक्रिया है, लेकिन शुरुआत में ध्यान लगाना कठिन लग सकता है। यह पूरी तरह से सामान्य है। ध्यान में स्थिरता पाने के लिए आपको सही विधि, अभ्यास, और धैर्य की आवश्यकता होती है। नीचे दिए गए सुझाव आपको ध्यान केंद्रित करने में मदद कर सकते हैं:


1. ध्यान का सही स्थान और समय चुनें

  • शांत स्थान: जहां शोर-शराबा न हो, वहां ध्यान करें। यह आपको ध्यान केंद्रित करने में मदद करेगा।
  • समय: सुबह ब्रह्म मुहूर्त (3-5 बजे) या शाम का समय ध्यान के लिए सबसे उत्तम है।
  • स्थिरता: हर दिन एक ही समय पर ध्यान करें।

2. सहज आसन अपनाएं

  • ध्यान के लिए आपका आसन आरामदायक होना चाहिए। यदि आप जमीन पर नहीं बैठ सकते, तो कुर्सी का सहारा लें।
  • रीढ़ को सीधा रखें और शरीर को अधिक तनाव न दें।

3. सांस पर ध्यान केंद्रित करें

  • अपनी सांसों पर ध्यान दें। धीरे-धीरे गहरी सांस लें और छोड़ें।
  • सांसों की गति को महसूस करें। इसे नियमित रूप से अभ्यास करने से ध्यान स्वतः गहरा होने लगेगा।

4. मंत्र जाप का सहारा लें

  • यदि मन भटकता है, तो एक मंत्र जैसे "ओम" या "सोऽहम" का जाप करें।
  • अपनी पूरी एकाग्रता मंत्र की ध्वनि और उसके कंपन पर केंद्रित करें।

5. ध्यान का सरल प्रारंभ करें

  • शुरुआत में 5-10 मिनट का ध्यान करें। धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।
  • जब भी आपका मन भटकने लगे, उसे प्यार से वापस लाएं।

6. त्राटक का अभ्यास करें

  • किसी स्थिर वस्तु (जैसे मोमबत्ती की लौ या बिंदु) पर ध्यान केंद्रित करें। यह आपके मन को स्थिर करने में मदद करेगा।
  • त्राटक से मानसिक शांति और ध्यान में गहराई आती है।

7. शारीरिक और मानसिक तैयारी करें

  • आसन और प्राणायाम: ध्यान से पहले 5-10 मिनट प्राणायाम करें। नाड़ी शोधन और भ्रामरी प्राणायाम विशेष रूप से सहायक हैं।
  • सात्त्विक भोजन: हल्का, सात्त्विक भोजन करें। भारी भोजन ध्यान में बाधा डाल सकता है।

8. धैर्य रखें और अभ्यास जारी रखें

  • ध्यान तुरंत नहीं लगता। इसे साधने में समय लगता है।
  • यदि आपका मन बार-बार भटकता है, तो उसे स्वीकार करें और धीरे-धीरे वापस ध्यान में लौटें।

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