प्रश्न 9. ध्यान में शरीर में कंपन महसूस हो तो क्या करना चाहिए?
मुझे 2 साल हो गए जाप करते हुए शुरुआत में कर ही नहीं पाती थी उस समय मुझे झटके लगते थे नींद आती थी उल्टी आती थी उबासी पूरे शरीर में अलग अलग तरह की चीज होती थी एक दिन मैंने चैनल पर देख कर मेडिटेशनकरना चाहा तो पहले दिन शरीर कागज की तरह हल्का हो गया लेकिन दो दिन बाद शरीर ठंड बढ़ने लग गया तो मैंने ध्यान छोड़ छोड़ दिया और मुझे फिर से पहलेकी तरह नेगेटिविटी परेशान करने लग गई मन में जप चलता है तो थोड़ा आराम मिलता है लेकिन माला लेकर करती हूं तो 5 मिनट बाद में ठंड बढ़ जाती है अपने आप शरीर में तो उसके लिए मार्गदर्शन करें करें करें 🙏🙏🙏 ???
आपने जो अनुभव साझा किए हैं, वे ध्यान साधना की प्रगति के दौरान होने वाली शारीरिक और मानसिक प्रतिक्रियाएं हैं। जब आप ध्यान में गहरे उतरते हैं, तो शरीर में ऊर्जा का प्रवाह होता है, जिससे झटके, उल्टी, उबासी, या ठंड जैसे अनुभव हो सकते हैं। यह शारीरिक और मानसिक अवरोधों को साफ करने की प्रक्रिया है।
शरीर की ठंडक का अनुभव नकारात्मकता के कारण हो सकता है। जब आप माला से ध्यान करती हैं, तो आप उस ऊर्जा से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं जो आपको शांत करने में मदद कर सकती है।
आपको एकाग्रता को बनाए रखने के लिए धीरे-धीरे और शांति से ध्यान करना चाहिए। शुरू में, माला के बजाय चुपचाप "ओं" या "हं" मंत्र का जप करें, जिससे शरीर को ठंडक का सामना न करना पड़े। ध्यान के बाद, शरीर को गर्म करने के लिए हलके व्यायाम करें और प्राणायाम का अभ्यास करें। नियमित रूप से स्फूर्तिदायक ऊर्जा के लिए अपने आंतरिक मनोबल को बनाए रखें।
शरीर में ठंडक का अनुभव आंतरिक अवरोधों को साफ करने का संकेत हो सकता है, लेकिन इसे नियंत्रण में रखने के लिए आपकी साधना निरंतर जारी रखनी चाहिए।
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