guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green colour second time ke liye aata hai fir kuch nhi dikh rha पहले तीसरी आंख में नीले रंग की स्क्रीन दिखना शांति, गहराई और आध्यात्मिक सुरक्षा का संकेत था। अब बीच-बीच में हरे रंग का आना दर्शाता है कि आपकी साधना की ऊर्जा हीलिंग, संतुलन और हृदय चक्र से जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह रंग परिवर्तन सामान्य है और साधना के विभिन्न चरणों में होता है। कुछ समय तक रंग न दिखना भी संकेत है कि चेतना आंतरिक स्थिरता ले रही है और मन को विश्राम चाहिए। इसे रुकावट न समझें, बल्कि अभ्यास जारी रखें। धैर्य और नामजप से आगे और गहरे अनुभव होंगे।

महाकुंभ मेले में क्या करना चाहिए

 महाकुंभ मेले में क्या करना चाहिए:?


महाकुंभ मेले में जाने पर आध्यात्मिक लाभ और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करने के लिए निम्नलिखित चीज़ें करनी चाहिए:

  1. पवित्र स्नान: संगम या पवित्र नदियों में स्नान करें। इसे आत्मा की शुद्धि और पापों से मुक्ति का माध्यम माना जाता है।

  2. मंत्र जप और ध्यान: नदी किनारे या शांत स्थान पर ध्यान और मंत्रों का जप करें। यह ऊर्जा और चेतना बढ़ाने में मदद करता है।

  3. संतों और साधुओं का दर्शन: साधु-संतों और अखाड़ों का दर्शन करें। उनकी शिक्षाओं और आशीर्वाद से ज्ञान और मार्गदर्शन प्राप्त करें।

  4. सत्संग और प्रवचन सुनना: धार्मिक सत्संग और प्रवचनों में भाग लें, जहां ज्ञानवर्धक बातें साझा की जाती हैं।

  5. योग और साधना: कुंभ मेले का वातावरण योग और साधना के लिए उपयुक्त है। इसे अपनी आध्यात्मिक प्रगति के लिए अपनाएं।

  6. अन्नदान और सेवा: जरूरतमंदों को भोजन और सहायता प्रदान करें। सेवा को पुण्य का कार्य माना गया है।

  7. पवित्र स्थलों का दर्शन: आसपास के मंदिरों और धार्मिक स्थलों का दर्शन करें।

  8. शांति का अनुभव: मेले के आध्यात्मिक वातावरण में आंतरिक शांति का अनुभव करें और अपनी आस्था को गहराई दें।

महाकुंभ में अनुशासन, स्वच्छता और विनम्रता बनाए रखना महत्वपूर्ण है ताकि इसका अधिकतम लाभ मिल सके।

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