mujhe fragnances atti hai jaise hawan ki....dheyan bhi lgta hai ...agge kya kre.

mujhe fragnances atti hai jaise hawan ki....dheyan bhi lgta hai ...agge kya kre...meri body sometimes raat ko ajib c sikudne lgti hai jaise body main kuch khivh rha ho...ye kya hai n agge kya krain ??  यदि ध्यान के दौरान या उसके बाद आपको हवन जैसी सुगंध का अनुभव होता है और ध्यान भी सहज लगने लगता है, तो आध्यात्मिक परंपराओं में ऐसे अनुभवों को कभी-कभी मन की सूक्ष्म एकाग्रता या साधना के दौरान होने वाले आंतरिक अनुभवों के रूप में देखा जाता है। इसी प्रकार, रात में शरीर का सिकुड़ना या भीतर कुछ खिंचने जैसा महसूस होना भी कुछ साधकों को ध्यान के समय अनुभव हो सकता है। लेकिन केवल इन अनुभवों के आधार पर किसी निश्चित आध्यात्मिक अवस्था का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। आपका लक्ष्य अनुभवों का संग्रह नहीं, बल्कि मन की स्थिरता, नाम सिमरन और ईश्वर के प्रति प्रेम होना चाहिए। यदि ये अनुभूतियाँ बिना दर्द और भय के हैं, तो शांत रहकर नियमित साधना जारी रखें। लेकिन यदि शरीर का सिकुड़ना, दर्द, घबराहट या अन्य असामान्य लक्षण बार-बार हों या बढ़ने लगें, तो किसी योग्य चिकित्सक से भी अवश्य जाँच कराएँ, ताकि किसी शारीरिक...

महाकुंभ मेले में क्या करना चाहिए

 महाकुंभ मेले में क्या करना चाहिए:?


महाकुंभ मेले में जाने पर आध्यात्मिक लाभ और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करने के लिए निम्नलिखित चीज़ें करनी चाहिए:

  1. पवित्र स्नान: संगम या पवित्र नदियों में स्नान करें। इसे आत्मा की शुद्धि और पापों से मुक्ति का माध्यम माना जाता है।

  2. मंत्र जप और ध्यान: नदी किनारे या शांत स्थान पर ध्यान और मंत्रों का जप करें। यह ऊर्जा और चेतना बढ़ाने में मदद करता है।

  3. संतों और साधुओं का दर्शन: साधु-संतों और अखाड़ों का दर्शन करें। उनकी शिक्षाओं और आशीर्वाद से ज्ञान और मार्गदर्शन प्राप्त करें।

  4. सत्संग और प्रवचन सुनना: धार्मिक सत्संग और प्रवचनों में भाग लें, जहां ज्ञानवर्धक बातें साझा की जाती हैं।

  5. योग और साधना: कुंभ मेले का वातावरण योग और साधना के लिए उपयुक्त है। इसे अपनी आध्यात्मिक प्रगति के लिए अपनाएं।

  6. अन्नदान और सेवा: जरूरतमंदों को भोजन और सहायता प्रदान करें। सेवा को पुण्य का कार्य माना गया है।

  7. पवित्र स्थलों का दर्शन: आसपास के मंदिरों और धार्मिक स्थलों का दर्शन करें।

  8. शांति का अनुभव: मेले के आध्यात्मिक वातावरण में आंतरिक शांति का अनुभव करें और अपनी आस्था को गहराई दें।

महाकुंभ में अनुशासन, स्वच्छता और विनम्रता बनाए रखना महत्वपूर्ण है ताकि इसका अधिकतम लाभ मिल सके।

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