अब मुजे ध्यान में नहर में जाती हूं और सामने नजदिक में ही गोल्डन सा उजाला देखती हूं। प्रति नहर लंबी ही हो जाति हे और तुरत दसरी नहर शुरू हो जाति क्यू हे?? नहर का अंत ही नहीं आता हे, और ध्यान से भी बाहर आ जाती है, तो ऐसे क्यों लगाया है? आप को गुरु मना हे. तो मैन में सवाल आता हे की क्यू ई से होता हे

 अब मुजे ध्यान में नहर में जाती हूं और सामने नजदिक में ही गोल्डन सा उजाला देखती हूं। प्रति नहर लंबी ही हो जाति हे और तुरत दसरी नहर शुरू हो जाति क्यू हे??  नहर का अंत ही नहीं आता हे, और ध्यान से भी बाहर आ जाती है, तो ऐसे क्यों लगाया है? आप को गुरु मना हे.    तो मैन में सवाल आता हे की क्यू ई से होता हे ?



ध्यान में नहर (canal) के अंतहीन दिखने और उसमें सुनहरी रोशनी देखने का अर्थ है कि आप अपने अंदर की आध्यात्मिक यात्रा का अनुभव कर रही हैं। नहर प्रतीकात्मक रूप से आपकी जीवन ऊर्जा या चेतना का प्रवाह हो सकती है, जो आपको ब्रह्मांडीय स्रोत तक ले जाने का प्रयास कर रही है।

नहर का अंतहीन होना यह संकेत करता है कि यह यात्रा निरंतर है और आपकी आत्मा का विस्तार हो रहा है। ध्यान से बाहर आना इस बात का संकेत हो सकता है कि आपका मन अभी पूरी तरह इस गहरे अनुभव को संभालने के लिए तैयार नहीं है। धैर्य रखें और नियमित साधना करें।



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