mujhe fragnances atti hai jaise hawan ki....dheyan bhi lgta hai ...agge kya kre.

mujhe fragnances atti hai jaise hawan ki....dheyan bhi lgta hai ...agge kya kre...meri body sometimes raat ko ajib c sikudne lgti hai jaise body main kuch khivh rha ho...ye kya hai n agge kya krain ??  यदि ध्यान के दौरान या उसके बाद आपको हवन जैसी सुगंध का अनुभव होता है और ध्यान भी सहज लगने लगता है, तो आध्यात्मिक परंपराओं में ऐसे अनुभवों को कभी-कभी मन की सूक्ष्म एकाग्रता या साधना के दौरान होने वाले आंतरिक अनुभवों के रूप में देखा जाता है। इसी प्रकार, रात में शरीर का सिकुड़ना या भीतर कुछ खिंचने जैसा महसूस होना भी कुछ साधकों को ध्यान के समय अनुभव हो सकता है। लेकिन केवल इन अनुभवों के आधार पर किसी निश्चित आध्यात्मिक अवस्था का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। आपका लक्ष्य अनुभवों का संग्रह नहीं, बल्कि मन की स्थिरता, नाम सिमरन और ईश्वर के प्रति प्रेम होना चाहिए। यदि ये अनुभूतियाँ बिना दर्द और भय के हैं, तो शांत रहकर नियमित साधना जारी रखें। लेकिन यदि शरीर का सिकुड़ना, दर्द, घबराहट या अन्य असामान्य लक्षण बार-बार हों या बढ़ने लगें, तो किसी योग्य चिकित्सक से भी अवश्य जाँच कराएँ, ताकि किसी शारीरिक...

Om Sai Ram jab pandit Ji Main Dhyan mein baithata hun logon ka vyavhar Kiya hua mere Sath dikhta Hai

 Om Sai Ram jab pandit Ji Main Dhyan mein baithata hun logon ka vyavhar Kiya hua mere Sath dikhta Hai ?


"ॐ साईं राम" आपका ध्यान के दौरान दूसरों का व्यवहार देखना आपके भीतर की गहरी संवेदनशीलता को दर्शाता है। जब आप ध्यान में बैठते हैं, तो आपकी ऊर्जा अधिक जागृत होती है, और आप आसपास की घटनाओं या लोगों के ऊर्जा क्षेत्र को महसूस कर सकते हैं। यह अनुभव एक संकेत है कि आपकी आध्यात्मिक यात्रा और जागरूकता बढ़ रही है।

क्या करें:

  1. ध्यान में संतुलन बनाए रखें – ध्यान करते समय अन्य विचारों या ऊर्जा से विचलित न हों।
  2. सकारात्मक सोच – अपने मन को शांत रखने के लिए सकारात्मक मंत्र का जप करें।
  3. आत्मिक बल – साईं बाबा की कृपा से आपका मार्गदर्शन होता रहेगा। 🙏

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