guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green colour second time ke liye aata hai fir kuch nhi dikh rha पहले तीसरी आंख में नीले रंग की स्क्रीन दिखना शांति, गहराई और आध्यात्मिक सुरक्षा का संकेत था। अब बीच-बीच में हरे रंग का आना दर्शाता है कि आपकी साधना की ऊर्जा हीलिंग, संतुलन और हृदय चक्र से जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह रंग परिवर्तन सामान्य है और साधना के विभिन्न चरणों में होता है। कुछ समय तक रंग न दिखना भी संकेत है कि चेतना आंतरिक स्थिरता ले रही है और मन को विश्राम चाहिए। इसे रुकावट न समझें, बल्कि अभ्यास जारी रखें। धैर्य और नामजप से आगे और गहरे अनुभव होंगे।

Guruji kya agar koi sone ke alawa(6 ghante) baaki saara samay(18 ghante) 2 saal tak 1 aasan par baithkar naam jap karta rahega to kya moksh prapti ke chances hain.?

 Guruji kya agar koi sone ke alawa(6 ghante) baaki saara samay(18 ghante) 2 saal tak 1 aasan par baithkar naam jap karta rahega to kya moksh prapti ke chances hain.?


यदि कोई साधक 18 घंटे प्रतिदिन, लगातार 2 वर्षों तक एक आसन पर बैठकर नाम जप करता है, तो यह निश्चित रूप से उसकी चेतना को गहरे आध्यात्मिक स्तर पर ले जा सकता है। लेकिन केवल जप की मात्रा से मोक्ष प्राप्ति की गारंटी नहीं होती। मोक्ष के लिए शुद्ध हृदय, अहंकार का पूर्ण त्याग, आत्मबोध, गुरु की कृपा और संपूर्ण समर्पण आवश्यक है।

यदि यह साधना निष्काम भाव, पूर्ण विश्वास और समर्पण के साथ की जाए, तो चित्त की शुद्धि होकर आत्मसाक्षात्कार संभव हो सकता है। सही मार्गदर्शन और आंतरिक अनुभव के आधार पर साधक को मोक्ष की दिशा में बढ़ने की संभावना होती है।

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