Naad ko drasta bhav se sune ya sadharan tarike se

 नाद को द्रष्टा भाव से सुनना ही बेहतर माना जाता है। इसका अर्थ है कि आप नाद को सुनने की कोशिश या उसमें हस्तक्षेप न करें, बल्कि शांत होकर केवल साक्षी बनकर उसे सुनें। ध्यान को नाद पर टिकाएँ, लेकिन यह अपेक्षा न रखें कि कोई विशेष ध्वनि अवश्य सुनाई दे। नाद तेज हो, धीमा हो, बदलता रहे या कुछ समय के लिए बंद हो जाए—हर स्थिति में केवल साक्षी बने रहें। उसे पकड़ने, बढ़ाने या उसका अर्थ निकालने की कोशिश न करें। धीरे-धीरे मन की चंचलता कम होने पर सूक्ष्म ध्वनि अधिक स्पष्ट अनुभव हो सकती है। यही द्रष्टा भाव की साधना है।

Pranam Gurudev,Ankh 2 muinit band karne se mera crown chakra lagatar vibrate continuously karta he,lekin mera man aur jindegi me koi badlab nehi hota he,me kya karoo

 Pranam Gurudev,Ankh 2 muinit band karne se mera crown chakra lagatar vibrate continuously karta he,lekin mera man aur jindegi me koi badlab nehi hota he,me kya karoo ?


प्रणाम, शिष्य। यदि आपके क्राउन चक्र में वाइब्रेशन महसूस हो रहा है, तो यह संकेत है कि ऊर्जा सक्रिय हो रही है, लेकिन मन में बदलाव का अनुभव नहीं हो रहा। इसका मतलब है कि आपकी आध्यात्मिक ऊर्जा उठ रही है, परन्तु मानसिक और भावनात्मक स्तर पर गहरी शुद्धता और परिवर्तन की आवश्यकता है।

आपको सकारात्मक सोच, आत्म-विश्लेषण और ध्यान की गहराई पर काम करना होगा। ध्यान के साथ, प्रेम और करुणा पर ध्यान केंद्रित करें, अपनी भावनाओं और विश्वासों को मुक्त करने का प्रयास करें। साथ ही, शिव का जप और भूतपूर्व कष्टों को स्वीकार करना जरूरी है। निरंतर साधना से, परिवर्तन धीरे-धीरे होगा। 🙏

Comments

Popular posts from this blog

guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

परमात्मा क्यों भेजता है आत्मा को संसार में?

मैं जब दीये को एक मिनट व देखु फिर आँखे बंद करू तो दिए की ज्योति मुझें आज्ञा चक्र पर दिखाई देती है.....