Please guide, aatmagyan hone k baad Hume kinki aradhana, Pooja, dhyaan karna chahiye? Apne aatma swaroop ka ? Ya dusre dev swaroop ka ?

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आत्मज्ञान (Self-Realization) होने के बाद साधक को अपनी आत्मा के स्वरूप को पहचानते हुए उसी की आराधना करनी चाहिए। आत्मा परमात्मा का ही अंश है, इसलिए आत्मस्वरूप की उपासना से भीतर शांति और स्थिरता आती है। साथ ही, यदि साधक किसी विशेष देवता की आराधना से जुड़ा हुआ है, तो उसे उस उपासना को भी जारी रखना चाहिए क्योंकि सभी देवता अंततः एक ही परम तत्व के विभिन्न रूप हैं। ध्यान के माध्यम से आत्मा और परमात्मा के एकत्व का अनुभव करें। निर्गुण (आत्मस्वरूप) और सगुण (देवस्वरूप) दोनों की आराधना का संतुलन बनाए रखें।

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