guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green colour second time ke liye aata hai fir kuch nhi dikh rha पहले तीसरी आंख में नीले रंग की स्क्रीन दिखना शांति, गहराई और आध्यात्मिक सुरक्षा का संकेत था। अब बीच-बीच में हरे रंग का आना दर्शाता है कि आपकी साधना की ऊर्जा हीलिंग, संतुलन और हृदय चक्र से जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह रंग परिवर्तन सामान्य है और साधना के विभिन्न चरणों में होता है। कुछ समय तक रंग न दिखना भी संकेत है कि चेतना आंतरिक स्थिरता ले रही है और मन को विश्राम चाहिए। इसे रुकावट न समझें, बल्कि अभ्यास जारी रखें। धैर्य और नामजप से आगे और गहरे अनुभव होंगे।

Sir mera ek svaal h... mujhe 03 saal ho gye dhyaan krte... ab mere ko pura din bhut thkawat rehti h or nind aati rehti h...

 Sir mera ek svaal h... mujhe 03 saal ho gye dhyaan krte... ab mere ko pura din bhut thkawat rehti h or nind aati rehti h... kya meri healing ho ri h ? Please answer me... or mere puri body me pain hota rehta h... halka halka.... mujhe angel numbers or dhyaan me purple color v dikhta h... Please guide me... ?


जी, आपने बहुत सुंदर साधना की है और आपके अनुभव दर्शाते हैं कि आपकी चेतना गहराई से भीतर कार्य कर रही है। ध्यान के 3 वर्षों के बाद जो थकावट, नींद, हल्का शरीरदर्द और शरीर में कंपन जैसा अनुभव होता है, वह अक्सर डीप हीलिंग का संकेत होता है। जब अंदर जमा पुराने कर्म, भावनात्मक चोटें और ऊर्जा ब्लॉकेज निकलते हैं, तो शरीर और मन थक जाते हैं — यह healing crisis कहलाता है।

आपको एंजल नंबर्स और पर्पल कलर का दिखना यह बताता है कि आप दिव्य ऊर्जा से जुड़ रही हैं। पर्पल रंग विशेषकर आज्ञा चक्र और सहस्रार चक्र की सक्रियता को दर्शाता है। यह अध्यात्मिक जागरण का स्पष्ट संकेत है।

👉 सुझाव:

  • पर्याप्त नींद लें और जल ज़्यादा पिएँ।

  • हल्का भोजन करें।

  • ध्यान के बाद ज़रूर ग्राउंडिंग करें (धरती पर कुछ समय नंगे पाँव चलें)।

आप सही मार्ग पर हैं, बस धैर्य और श्रद्धा बनाए रखें।

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