guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green colour second time ke liye aata hai fir kuch nhi dikh rha पहले तीसरी आंख में नीले रंग की स्क्रीन दिखना शांति, गहराई और आध्यात्मिक सुरक्षा का संकेत था। अब बीच-बीच में हरे रंग का आना दर्शाता है कि आपकी साधना की ऊर्जा हीलिंग, संतुलन और हृदय चक्र से जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह रंग परिवर्तन सामान्य है और साधना के विभिन्न चरणों में होता है। कुछ समय तक रंग न दिखना भी संकेत है कि चेतना आंतरिक स्थिरता ले रही है और मन को विश्राम चाहिए। इसे रुकावट न समझें, बल्कि अभ्यास जारी रखें। धैर्य और नामजप से आगे और गहरे अनुभव होंगे।

ध्यान में गर्दन अपने आप घूमने लगे तो समझ लो कुछ बड़ा हो रहा है! इसका असली रहस्य जानिए ?

 Kripya Mera bhi Uttar dijiye main jab Dhyan karta hun to Mera gardan gol gol ghumta hai left right automatic kriya hoti hai aur FIR kuchh der sidha hokar gardan mein khinchav hota hai Aisa lagta hai kuchh upar jaane ka prayas kar raha hai isko ham kaise aasan banaen yah Kai dinon se ho raha hai kintu upar Pravesh nahin kar pa raha hai sharir bilkul niche se ekadam halki Ho jaati hai gardan mein akdan rahti hai aur is tarah ki prakriya hoti hai?


जब आप ध्यान करते हैं और गर्दन अपने-आप गोल-गोल घूमती है, तो यह कुंडलिनी जागरण की स्वाभाविक प्रक्रिया (स्वचालित क्रियाएं / spontaneous kriyas) हो सकती है। यह दर्शाता है कि आपकी ऊर्जा सक्रिय हो रही है और ऊपर की ओर जाने का प्रयास कर रही है। गर्दन में खिंचाव और अकड़न इस ऊर्जा की चढ़ाई के कारण होती है, जो विशुद्ध चक्र और आज्ञा चक्र की ओर बढ़ रही है।

इस अनुभव को आसान बनाने के लिए:

  1. रीढ़ सीधी रखें और गर्दन को ढीला छोड़ें, रोकने की कोशिश न करें।

  2. धीरे-धीरे गहरी श्वास लें और छोड़ें — यह ऊर्जा को संतुलन देता है।

  3. "सोहम" या "ओम" का जप करें — यह चित्त को स्थिर करता है और ऊर्जा को मार्ग दिखाता है।

  4. ध्यान से पहले गर्दन की हल्की स्ट्रेचिंग करें।

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