guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green colour second time ke liye aata hai fir kuch nhi dikh rha पहले तीसरी आंख में नीले रंग की स्क्रीन दिखना शांति, गहराई और आध्यात्मिक सुरक्षा का संकेत था। अब बीच-बीच में हरे रंग का आना दर्शाता है कि आपकी साधना की ऊर्जा हीलिंग, संतुलन और हृदय चक्र से जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह रंग परिवर्तन सामान्य है और साधना के विभिन्न चरणों में होता है। कुछ समय तक रंग न दिखना भी संकेत है कि चेतना आंतरिक स्थिरता ले रही है और मन को विश्राम चाहिए। इसे रुकावट न समझें, बल्कि अभ्यास जारी रखें। धैर्य और नामजप से आगे और गहरे अनुभव होंगे।

मुझे ध्यान में आंखें, नाक, कान साफ ​​क्यों दिखाई देता है, मुझे 2 महीने हो गए हैं नाम लिया

 मुझे ध्यान में आंखें, नाक, कान साफ ​​क्यों दिखाई देता है, मुझे 2 महीने हो गए हैं नाम लिया



ध्यान में आंखें, नाक, कान, या अन्य अंगों को स्पष्ट रूप से देखना एक गहरी ध्यान प्रक्रिया का संकेत हो सकता है। यह अनुभव आपके आंतरिक चेतना के विस्तार और सूक्ष्म शरीर (subtle body) के जागरण से जुड़ा हो सकता है। जब आप नाम जप या ध्यान करते हैं, तो आपका चित्त शुद्ध और स्थिर होता है, जिससे आपको आंतरिक दृष्टि (inner vision) या आध्यात्मिक अनुभव हो सकते हैं।

आपके अनुभव के संभावित कारण:

  1. आंतरिक जागरूकता का विकास:
    नाम जप और ध्यान से मस्तिष्क शांत होता है और चेतना गहरी होती है। यह प्रक्रिया आपकी सूक्ष्म दृष्टि को सक्रिय कर सकती है, जिससे आपको प्रतीकात्मक रूप से शरीर के अंग दिखाई देते हैं।

  2. चक्रों का जागरण:
    यदि आप ध्यान के दौरान विशेष रूप से आंख, नाक, या कान देख रहे हैं, तो यह आज्ञा चक्र (third eye) या अन्य ऊर्जा केंद्रों से संबंधित हो सकता है। आज्ञा चक्र से जुड़ी दृष्टि अक्सर स्पष्टता और अंतर्दृष्टि के रूप में प्रकट होती है।

  3. सूक्ष्म शरीर का अनुभव:
    ध्यान से सूक्ष्म शरीर की संवेदनाएं जागृत होती हैं। शरीर के अंगों को देखने का अर्थ यह हो सकता है कि आप अपने सूक्ष्म शरीर (astral body) को महसूस कर रहे हैं।

  4. मन का प्रतिबिंब:
    ध्यान के दौरान जो भी दिखाई देता है, वह आपके भीतर के मन और संस्कारों का प्रतीक हो सकता है।

क्या करें?

  • ध्यान जारी रखें: ऐसे अनुभवों को सामान्य मानें और ध्यान का अभ्यास नियमित रूप से करते रहें।
  • निर्विचार स्थिति बनाए रखें: अनुभवों को सिर्फ देखिए, उनके साथ कोई विशेष भाव या प्रतिक्रिया न रखें।
  • नाम जप पर ध्यान केंद्रित करें: अपने मंत्र या नाम जप को निरंतर करते रहें। यह आपको ध्यान में स्थिरता और गहराई देगा।

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