guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green colour second time ke liye aata hai fir kuch nhi dikh rha पहले तीसरी आंख में नीले रंग की स्क्रीन दिखना शांति, गहराई और आध्यात्मिक सुरक्षा का संकेत था। अब बीच-बीच में हरे रंग का आना दर्शाता है कि आपकी साधना की ऊर्जा हीलिंग, संतुलन और हृदय चक्र से जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह रंग परिवर्तन सामान्य है और साधना के विभिन्न चरणों में होता है। कुछ समय तक रंग न दिखना भी संकेत है कि चेतना आंतरिक स्थिरता ले रही है और मन को विश्राम चाहिए। इसे रुकावट न समझें, बल्कि अभ्यास जारी रखें। धैर्य और नामजप से आगे और गहरे अनुभव होंगे।

पहले मुझे काफी अनुभव हुए पर अब काफी समय से कोई अनुभव नहीं हो रहा या ध्यान में काला काला दिखता है

 पहले मुझे काफी अनुभव हुए पर अब काफी समय से कोई अनुभव नहीं हो रहा या ध्यान में काला काला दिखता है



ध्यान के दौरान पहले अनुभव होना और अब कुछ समय से अनुभव न होना या केवल अंधेरा देखना एक सामान्य स्थिति है। यह आपकी साधना के विकास और ध्यान की गहराई के साथ जुड़ा हो सकता है। इसे "आध्यात्मिक ठहराव" (spiritual stagnation) या "अंतराल" कहा जा सकता है। इसका उद्देश्य आपको भीतर अधिक स्थिरता और धैर्य विकसित करने में मदद करना है।

अनुभवों का रुकना क्यों हो सकता है?

  1. चित्त का शुद्धिकरण:
    ध्यान के शुरुआती चरणों में हमें कई अनुभव होते हैं, जो चित्त को प्रेरित करते हैं। जब चित्त धीरे-धीरे शुद्ध होता है, तो अनुभव कम हो सकते हैं क्योंकि ध्यान गहराई में प्रवेश कर रहा होता है।

  2. ध्यान की अपेक्षा:
    यदि आप ध्यान में अनुभवों की प्रतीक्षा या उम्मीद करते हैं, तो मन बेचैन हो सकता है और ध्यान में रुकावट आ सकती है। अनुभव स्वतः आते हैं; उन्हें खोजना ध्यान की प्रकृति के विपरीत है।

  3. आध्यात्मिक परीक्षा:
    यह एक प्रकार की परीक्षा हो सकती है, जिसमें आपका धैर्य और समर्पण देखा जाता है। इस चरण में साधना जारी रखना महत्वपूर्ण है।

  4. ऊर्जा का पुनर्संतुलन:
    आपका ध्यान गहरी ऊर्जा प्रक्रियाओं पर काम कर सकता है, जो आपकी चेतना में अभी स्पष्ट रूप से नहीं दिख रही हैं।

  5. चित्त की गहराई:
    ध्यान में "काला-काला" दिखना दर्शाता है कि आप आंतरिक शून्यता (void) का सामना कर रहे हैं। यह शून्यता डरावनी नहीं है; यह आत्मा के गहरे स्तर से जुड़ने का संकेत है।


इस स्थिति में क्या करें?

  1. धैर्य बनाए रखें:
    यह चरण भी अस्थायी है। अपने ध्यान और नाम जप को नियमित रखें।

  2. अपेक्षा छोड़ें:
    ध्यान में अनुभवों की अपेक्षा छोड़ दें। ध्यान का लक्ष्य अनुभव नहीं, बल्कि मन की गहराई में उतरना और आत्मा से जुड़ना है।

  3. ध्यान में गहराई लाएं:
    ध्यान के दौरान यदि अंधेरा दिखाई दे, तो इसे स्वीकार करें और अपने मंत्र, श्वास, या किसी ध्यान तकनीक पर ध्यान केंद्रित करें।

  4. नाम जप की शक्ति पर विश्वास रखें:
    नाम जप अपने आप में एक शक्तिशाली साधना है। यह आपकी चेतना को धीरे-धीरे शुद्ध और स्थिर करता है।

  5. शरीर और मन का संतुलन:
    नियमित प्राणायाम और हल्की शारीरिक क्रियाएं (जैसे योगासन) करें। इससे ऊर्जा शरीर को संतुलन में रखने में मदद मिलेगी।

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