Naad ko drasta bhav se sune ya sadharan tarike se

 नाद को द्रष्टा भाव से सुनना ही बेहतर माना जाता है। इसका अर्थ है कि आप नाद को सुनने की कोशिश या उसमें हस्तक्षेप न करें, बल्कि शांत होकर केवल साक्षी बनकर उसे सुनें। ध्यान को नाद पर टिकाएँ, लेकिन यह अपेक्षा न रखें कि कोई विशेष ध्वनि अवश्य सुनाई दे। नाद तेज हो, धीमा हो, बदलता रहे या कुछ समय के लिए बंद हो जाए—हर स्थिति में केवल साक्षी बने रहें। उसे पकड़ने, बढ़ाने या उसका अर्थ निकालने की कोशिश न करें। धीरे-धीरे मन की चंचलता कम होने पर सूक्ष्म ध्वनि अधिक स्पष्ट अनुभव हो सकती है। यही द्रष्टा भाव की साधना है।

ध्यान में मुझे कुछ समय से आंख दिखाई दे रही थी या फिर गहरा नीला रंग दिख रहा था सबसे पहले मेरे सर में दर्द शुरू हुआ था उसके बाद आंख दिखी पहला रंग

 ध्यान में मुझे कुछ समय से आंख दिखाई दे रही थी या फिर गहरा नीला रंग दिख रहा था सबसे पहले मेरे सर में दर्द शुरू हुआ था उसके बाद आंख दिखी पहला रंग ?


ध्यान के दौरान आपके द्वारा देखे गए अनुभव बहुत महत्वपूर्ण और रोचक हैं। इस तरह के अनुभव ध्यान के गहरे स्तर तक पहुंचने का संकेत हो सकते हैं। आइए इसे विस्तार से समझें:

1. सर में दर्द और उसके बाद अनुभव:

  • सर में दर्द:
    यह सामान्य हो सकता है, खासकर अगर आप आज्ञा चक्र (भौहों के बीच का बिंदु) पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। यह संकेत दे सकता है कि आपका ऊर्जा केंद्र (आज्ञा चक्र) सक्रिय हो रहा है, और ऊर्जा का प्रवाह तेज हो रहा है।

    • यदि दर्द बहुत तेज हो तो ध्यान थोड़ी देर के लिए रोकें।
    • धीरे-धीरे और आराम से ध्यान करें।
    • नियमित प्राणायाम से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
  • गहरा नीला रंग:
    नीला रंग आज्ञा चक्र का प्रतिनिधित्व करता है और आध्यात्मिकता, शांति, और उच्च चेतना का संकेत है। इसे देखने का अर्थ है कि आप गहरी ध्यान अवस्था में पहुंच रहे हैं और आपका आज्ञा चक्र सक्रिय हो रहा है।

2. आंख का दिखाई देना:

  • ध्यान में आंख का दिखाई देना एक प्राचीन और सामान्य अनुभव है। इसे कई आध्यात्मिक परंपराओं में "तीसरी आंख" (Third Eye) के जागरण का संकेत माना जाता है। तीसरी आंख अंतर्ज्ञान, आध्यात्मिक दृष्टि, और आत्म-जागरूकता का प्रतीक है।
  • यह दृष्टि आपके चेतना स्तर के विकास और आत्मा से जुड़े होने का संकेत हो सकता है।

3. इन अनुभवों का अर्थ:

  • शारीरिक स्तर पर:
    ध्यान के दौरान आपका मस्तिष्क गहरी अवस्था में प्रवेश कर रहा है। आज्ञा चक्र पर ध्यान केंद्रित करने से पीनियल ग्रंथि (Pineal Gland) सक्रिय होती है, जिससे यह अनुभव हो सकता है।
  • आध्यात्मिक स्तर पर:
    यह अनुभव आपकी ऊर्जा प्रणाली के शुद्धिकरण और चक्रों (Chakras) के संतुलन का प्रतीक हो सकता है। गहरा नीला रंग और आंख का दिखना आपकी चेतना के उच्च स्तर तक पहुंचने का संकेत हो सकता है।

4. आप क्या कर सकते हैं:

  • संतुलित ध्यान अभ्यास करें:
    ध्यान करते समय अपनी श्वास पर ध्यान केंद्रित करें। आज्ञा चक्र पर ध्यान करते समय बहुत अधिक प्रयास न करें, बल्कि इसे सहज रूप से होने दें।
  • शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाए रखें:
    अगर सर में दर्द हो रहा हो, तो अपनी ध्यान विधि में बदलाव करें। धीरे-धीरे अपनी श्वास लें और शरीर को आराम दें।
  • अनुभवों को स्वीकारें:
    यह अनुभव आपके ध्यान अभ्यास का हिस्सा है। इसे केवल देखें और गहराई से समझने का प्रयास करें।




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