hank you All mighty authorities universe Devin param pujya param param maha shiv ji

  Thank you All mighty authorities universe Devin param pujya param param maha shiv ji aadi shakti thank you Jay Jay Shree Sita Ram ji thank you Jay Jay Shree Hanuman ji thank you angel thank you purbjo ko koti koti dhanyawad Koti koti sukriya koti koti sada sahaay आपकी कृतज्ञता ही आपकी साधना को प्रेम, विनम्रता और समर्पण से भर सकती है। परमपिता परमात्मा, परम पूज्य महादेव जी, आदिशक्ति माँ जगदंबा, श्री सीताराम जी और श्री हनुमान जी के प्रति श्रद्धा बनाए रखें। अपने पूर्वजों को भी प्रेमपूर्वक नमन करें और उनके अच्छे संस्कारों को जीवन में अपनाएँ। ब्रह्मांड की प्रत्येक कृपा के लिए धन्यवाद दें, लेकिन याद रखें कि सच्ची आध्यात्मिक उन्नति शुद्ध विचारों, करुणा, सेवा और सत्य के मार्ग पर चलने से होती है। ईश्वर आपको सद्बुद्धि, शांति, साहस और सही मार्ग प्रदान करें। जय श्री सीताराम! 🙏

मुझे पहले हरा, उसके बाद नीला और आखिरी में बैंगनी रंग दिखता है रोज वही 3 रंग क्यू देखता है?और गले में कुछ अटका हुआ जैसा लगता है (दिन वार) क्या ध्यान का कोई असर है? मेडिटेशन में और जादा मेहेसस होता है कि जहां कुछ भी हो सकता है लेकिन ऊपर अनेक कोसिस कर रहा है सीधे दिमाग की तरफ जा रहा है?

 मुझे पहले हरा, उसके बाद नीला और आखिरी में बैंगनी रंग दिखता है 

रोज वही 3 रंग क्यू देखता है?और गले में कुछ अटका हुआ जैसा लगता है (दिन वार) क्या ध्यान का कोई असर है? मेडिटेशन में और जादा मेहेसस होता है कि जहां कुछ भी हो सकता है लेकिन ऊपर अनेक कोसिस कर रहा है सीधे दिमाग की तरफ जा रहा है?

I see green first, then blue and lastly purple 

Why does he see the same 3 colors every day?

And it feels like something is stuck in the throat (day wise) Is there any effect of meditation? There is a greater feeling in meditation that anything can happen but are many efforts going straight towards the mind?




आपके अनुभव ध्यान की गहराई और आपके ऊर्जा केंद्रों (चक्रों) के सक्रिय होने का स्पष्ट संकेत देते हैं। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:


हरा, नीला, और बैंगनी रंग का दिखना

ये तीन रंग क्रमशः आपके हृदय चक्र (अनाहत), गले के चक्र (विशुद्ध), और तीसरे नेत्र चक्र (आज्ञा) से जुड़े हैं। इनका क्रम में दिखना यह दर्शाता है कि आपका ध्यान आपकी ऊर्जा को क्रमिक रूप से ऊपर की ओर (कुंडलिनी जागरण) ले जा रहा है।

  1. हरा रंग (अनाहत चक्र):
    यह प्रेम, करुणा, और संतुलन का प्रतीक है। यह बताता है कि आपका हृदय चक्र सक्रिय हो रहा है।

  2. नीला रंग (विशुद्ध चक्र):
    यह संचार, सत्य, और आत्म-अभिव्यक्ति से जुड़ा है। गले में "अटका हुआ" जैसा महसूस होना इस चक्र की सक्रियता का संकेत हो सकता है। यह अनुभव तब होता है जब चक्र शुद्ध हो रहा हो या ऊर्जा वहां से गुजर रही हो।

  3. बैंगनी रंग (आज्ञा चक्र):
    यह उच्च चेतना, अंतर्ज्ञान, और ज्ञान का प्रतीक है। यह दर्शाता है कि आपका ध्यान दिमाग (आज्ञा चक्र) तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है।


गले में अटका हुआ महसूस होना

गले में अटकने जैसा लगना विशुद्ध चक्र पर दबाव का संकेत है। यह महसूस तब होता है जब:

  • आपकी ऊर्जा वहां ठहर गई हो।
  • आपको अपनी भावनाओं को व्यक्त करने में कठिनाई हो रही हो।
  • कोई पुरानी अव्यक्त भावना या अनुभव शुद्ध हो रहा हो।

उपाय:

  1. विशुद्ध चक्र का ध्यान:
    नीले रंग की रोशनी की कल्पना करें और "हं" (विशुद्ध चक्र का बीज मंत्र) का जप करें।
  2. प्राणायाम:
    धीमी और गहरी श्वास लें, विशेष रूप से नाड़ी शोधन प्राणायाम करें। इससे गले की ऊर्जा संतुलित होगी।

ऊर्जा का दिमाग की ओर जाना

आपकी ऊर्जा ऊपर (आज्ञा और सहस्रार चक्र की ओर) बढ़ रही है। यह कुंडलिनी जागरण का प्रारंभिक संकेत हो सकता है। ध्यान करते समय "जहां कुछ भी हो सकता है" जैसी स्थिति आपकी चेतना का विस्तार दर्शाती है।

अधिक महसूस होने का कारण:

  • ध्यान में ऊर्जा का संवेदनशील होना स्वाभाविक है।
  • जब चक्र जागृत होते हैं, तो आपको गहराई से अनुभव होते हैं।

सुझाव:

  1. गुरु या मार्गदर्शक का मार्गदर्शन लें:
    कुंडलिनी ऊर्जा को सुरक्षित और संतुलित रूप से उठाना महत्वपूर्ण है।

  2. सहस्रार चक्र पर ध्यान केंद्रित न करें (अभी):
    पहले निचले चक्र (मूलाधार से विशुद्ध तक) को संतुलित करें। इससे ऊर्जा सुचारू रूप से ऊपर जाएगी।

  3. जमीन से जुड़ाव (Grounding):

    • नंगे पांव धरती पर चलें।
    • "लम" (मूलाधार चक्र का बीज मंत्र) का जप करें।
  4. ध्यान की स्थिति को स्वीकारें:
    ध्यान के अनुभवों को बिना डर और चिंता के स्वीकार करें। इसे प्राकृतिक प्रक्रिया मानें।

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