hank you All mighty authorities universe Devin param pujya param param maha shiv ji

  Thank you All mighty authorities universe Devin param pujya param param maha shiv ji aadi shakti thank you Jay Jay Shree Sita Ram ji thank you Jay Jay Shree Hanuman ji thank you angel thank you purbjo ko koti koti dhanyawad Koti koti sukriya koti koti sada sahaay आपकी कृतज्ञता ही आपकी साधना को प्रेम, विनम्रता और समर्पण से भर सकती है। परमपिता परमात्मा, परम पूज्य महादेव जी, आदिशक्ति माँ जगदंबा, श्री सीताराम जी और श्री हनुमान जी के प्रति श्रद्धा बनाए रखें। अपने पूर्वजों को भी प्रेमपूर्वक नमन करें और उनके अच्छे संस्कारों को जीवन में अपनाएँ। ब्रह्मांड की प्रत्येक कृपा के लिए धन्यवाद दें, लेकिन याद रखें कि सच्ची आध्यात्मिक उन्नति शुद्ध विचारों, करुणा, सेवा और सत्य के मार्ग पर चलने से होती है। ईश्वर आपको सद्बुद्धि, शांति, साहस और सही मार्ग प्रदान करें। जय श्री सीताराम! 🙏

7 चक्र बीज मंत्र जप करता हूं तो मुझे पीठ के पीछे गर्मी होती है कुछ समय बाद ठंडी लगती है इसका क्या मतलब है

 7 चक्र बीज मंत्र जप करता हूं तो मुझे पीठ के पीछे गर्मी होती है कुछ समय बाद ठंडी लगती है इसका क्या मतलब है ?

When I chant 7 Chakra Beej Mantra, I feel heat behind my back. After some time I feel cold. What does this mean?

7 चक्रों के बीज मंत्र जप के दौरान पीठ के पीछे गर्मी और ठंडक का अनुभव आपकी ऊर्जा प्रणाली में सक्रियता और संतुलन का संकेत हो सकता है। ये अनुभव इस बात का प्रतीक हैं कि आपकी साधना प्रभावी हो रही है, और चक्रों में ऊर्जा प्रवाह हो रहा है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:


1. पीठ में गर्मी का अनुभव:

  • जब आप बीज मंत्रों का जप करते हैं, तो यह चक्रों में संचित नकारात्मक ऊर्जा या रुकावटों को हटाने का काम करता है।
  • गर्मी का अनुभव कुंडलिनी शक्ति के जागरण और ऊर्जावान ब्लॉकेज (अवरोधों) के हटने का संकेत हो सकता है।
  • यह भी संभव है कि आपकी साधना से मूलाधार (Root Chakra) और स्वाधिष्ठान (Sacral Chakra) सक्रिय हो रहे हैं, क्योंकि ये चक्र सबसे पहले ऊर्जा को सक्रिय करते हैं।

2. ठंडक का अनुभव:

  • गर्मी के बाद ठंडक का अनुभव इस बात का संकेत है कि ऊर्जा अब संतुलन में आ रही है।
  • ठंडक से पता चलता है कि शुद्धि (Purification) प्रक्रिया चल रही है और आपकी ऊर्जा शांत और स्थिर हो रही है।
  • यह आज्ञा (Third Eye Chakra) और सहस्रार (Crown Chakra) के सक्रिय होने का भी संकेत हो सकता है, क्योंकि ये चक्र अधिक शांत और ठंडी ऊर्जा से जुड़े होते हैं।

3. पीठ पर ऊर्जा का प्रवाह:

  • ऊर्जा का प्रवाह आमतौर पर आपकी सुषुम्ना नाड़ी (रीढ़ की हड्डी के केंद्र से गुजरने वाली मुख्य ऊर्जा नाड़ी) के माध्यम से होता है।
  • यह गर्मी और ठंडक इस बात का संकेत हैं कि आपकी सुषुम्ना नाड़ी में ऊर्जा प्रवाह सक्रिय है।

4. यह अनुभव क्यों हो रहा है?

  • बीज मंत्र जप के दौरान प्रत्येक चक्र अपनी ऊर्जा को सक्रिय करता है और उसे संतुलित करता है।
  • यदि चक्रों में कोई रुकावट है, तो शुरुआत में गर्मी का अनुभव हो सकता है। रुकावट दूर होने पर ठंडक का अनुभव होता है।

समाधान और सुझाव:

  1. साधना को स्थिर बनाए रखें:

    • बीज मंत्र जप को नियमित रूप से करें, लेकिन अधिक प्रयास करने से बचें।
    • ऊर्जा को संतुलित करने के लिए अपनी साधना को सहज रखें।
  2. ग्राउंडिंग (Earth Element Connection):

    • ध्यान के बाद कुछ मिनट ज़मीन पर नंगे पैर चलें या मृदु भूमि पर बैठें।
    • इससे ऊर्जा संतुलित होती है और शरीर में स्थिरता आती है।
  3. शीतल प्राणायाम का अभ्यास करें:

    • गर्मी के अनुभव को शांत करने के लिए शीतली या शीतकारी प्राणायाम करें।
    • यह शरीर और मन को ठंडक और शांति देगा।
  4. ध्यान के बाद जल सेवन:

    • साधना के बाद पानी पिएं। यह आपके शरीर में ऊर्जा प्रवाह को स्थिर करता है।
  5. गुरु का मार्गदर्शन:

    • यदि ये अनुभव गहरे और बार-बार हो रहे हैं, तो किसी अनुभवी साधक या गुरु से चर्चा करें।


टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

परमात्मा क्यों भेजता है आत्मा को संसार में?

मैं जब दीये को एक मिनट व देखु फिर आँखे बंद करू तो दिए की ज्योति मुझें आज्ञा चक्र पर दिखाई देती है.....