mujhe fragnances atti hai jaise hawan ki....dheyan bhi lgta hai ...agge kya kre.

mujhe fragnances atti hai jaise hawan ki....dheyan bhi lgta hai ...agge kya kre...meri body sometimes raat ko ajib c sikudne lgti hai jaise body main kuch khivh rha ho...ye kya hai n agge kya krain ??  यदि ध्यान के दौरान या उसके बाद आपको हवन जैसी सुगंध का अनुभव होता है और ध्यान भी सहज लगने लगता है, तो आध्यात्मिक परंपराओं में ऐसे अनुभवों को कभी-कभी मन की सूक्ष्म एकाग्रता या साधना के दौरान होने वाले आंतरिक अनुभवों के रूप में देखा जाता है। इसी प्रकार, रात में शरीर का सिकुड़ना या भीतर कुछ खिंचने जैसा महसूस होना भी कुछ साधकों को ध्यान के समय अनुभव हो सकता है। लेकिन केवल इन अनुभवों के आधार पर किसी निश्चित आध्यात्मिक अवस्था का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। आपका लक्ष्य अनुभवों का संग्रह नहीं, बल्कि मन की स्थिरता, नाम सिमरन और ईश्वर के प्रति प्रेम होना चाहिए। यदि ये अनुभूतियाँ बिना दर्द और भय के हैं, तो शांत रहकर नियमित साधना जारी रखें। लेकिन यदि शरीर का सिकुड़ना, दर्द, घबराहट या अन्य असामान्य लक्षण बार-बार हों या बढ़ने लगें, तो किसी योग्य चिकित्सक से भी अवश्य जाँच कराएँ, ताकि किसी शारीरिक...

मुझे कल झटके लगे 7, एक साथ ओर मुझे फेर बैगनी रंग दिखाई दिया फेर मुझे हरा रंग दिखाई दिया फेर काला हो गया सब ।अगली क्रिया किया होगी आप बता सकते हे?

 मुझे कल झटके लगे 7, एक साथ ओर मुझे फेर बैगनी रंग दिखाई दिया फेर मुझे हरा रंग दिखाई दिया फेर काला  हो गया सब ।अगली क्रिया किया होगी आप बता सकते हे?

I got 7 shocks yesterday, all at once and I saw purple color again, then I saw green color and then everything went black. You can tell what was the next action.?




आपके अनुभव ध्यान और ऊर्जा के प्रवाह से जुड़े लगते हैं। झटके (jerks) ध्यान के दौरान ऊर्जा के प्रवाह में बदलाव या कुंडलिनी जागरण के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। बैंगनी, हरा, और काला रंग भी ध्यान में ऊर्जा और चेतना के विभिन्न स्तरों को दर्शाते हैं। आइए इसे थोड़ा और गहराई से समझते हैं:

अनुभव का विश्लेषण:

  1. झटके लगना (Jerks):

    • यह ऊर्जा के अचानक प्रवाह का संकेत हो सकता है। यदि आप कुंडलिनी साधना कर रहे हैं, तो यह जागरण की ओर इशारा कर सकता है। यह प्राकृतिक है, लेकिन इसे धीरे-धीरे और सावधानीपूर्वक अनुभव करना चाहिए।
    • यह भी हो सकता है कि शरीर का कोई ब्लॉक (अवरोध) ऊर्जा के प्रवाह में बाधा डाल रहा हो।
  2. बैंगनी रंग:

    • यह आमतौर पर आज्ञा चक्र (तीसरा नेत्र) के सक्रिय होने का संकेत देता है। यह आध्यात्मिक जागरूकता और अंतर्ज्ञान से जुड़ा है।
  3. हरा रंग:

    • यह अनाहत चक्र (हृदय चक्र) का संकेत हो सकता है। यह प्रेम, करुणा, और संतुलन का प्रतीक है।
  4. काला रंग:

    • यह ध्यान में गहराई या शून्यता का अनुभव हो सकता है। काला रंग अक्सर सब कुछ समाप्त कर एक नई शुरुआत का प्रतीक होता है।

अगली क्रिया क्या हो सकती है?

यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस प्रकार का अभ्यास कर रहे हैं। लेकिन सामान्यतः, इस प्रकार की ऊर्जा को नियंत्रित और संतुलित करना आवश्यक होता है। इसके लिए:

  1. श्वास पर ध्यान दें:
    • धीरे-धीरे और गहरी सांस लें। यह ऊर्जा को संतुलित करेगा।
  2. मूलाधार चक्र पर ध्यान दें:
    • यदि आप झटकों या तीव्र ऊर्जा का अनुभव कर रहे हैं, तो अपनी ऊर्जा को स्थिर करने के लिए मूलाधार चक्र पर ध्यान केंद्रित करें।
  3. नियमित अभ्यास:
    • ध्यान के बाद शांत बैठें और अपनी ऊर्जा को संतुलित करने का प्रयास करें।
  4. प्राणायाम:
    • नाड़ी शोधन प्राणायाम (alternate nostril breathing) का अभ्यास करें। यह ऊर्जा को संतुलित करने में सहायक होता है।

Comments

Popular posts from this blog

guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

परमात्मा क्यों भेजता है आत्मा को संसार में?

मैं जब दीये को एक मिनट व देखु फिर आँखे बंद करू तो दिए की ज्योति मुझें आज्ञा चक्र पर दिखाई देती है.....