Thank you All mighty authorities universe Devin param pujya param param maha shiv ji aadi shakti thank you Jay Jay Shree Sita Ram ji thank you Jay Jay Shree Hanuman ji thank you angel thank you purbjo ko koti koti dhanyawad Koti koti sukriya koti koti sada sahaay आपकी कृतज्ञता ही आपकी साधना को प्रेम, विनम्रता और समर्पण से भर सकती है। परमपिता परमात्मा, परम पूज्य महादेव जी, आदिशक्ति माँ जगदंबा, श्री सीताराम जी और श्री हनुमान जी के प्रति श्रद्धा बनाए रखें। अपने पूर्वजों को भी प्रेमपूर्वक नमन करें और उनके अच्छे संस्कारों को जीवन में अपनाएँ। ब्रह्मांड की प्रत्येक कृपा के लिए धन्यवाद दें, लेकिन याद रखें कि सच्ची आध्यात्मिक उन्नति शुद्ध विचारों, करुणा, सेवा और सत्य के मार्ग पर चलने से होती है। ईश्वर आपको सद्बुद्धि, शांति, साहस और सही मार्ग प्रदान करें। जय श्री सीताराम! 🙏
गुरुजी क्या कोई साधक की ऊर्जा अगर सहस्रार पर हो वो अपनी पत्नी या बच्चों के साथ लेता हो और उसका हाथ उनको टच हो रहा हो तो क्या उनको भी हल्का झटका लगता है
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गुरुजी क्या कोई साधक की ऊर्जा अगर सहस्रार पर हो वो अपनी पत्नी या बच्चों के साथ लेता हो और उसका हाथ उनको टच हो रहा हो तो क्या उनको भी हल्का झटका लगता है
Guruji, if a seeker's energy is on Sahasrara, he takes it with his wife or children and his hand touches them, do they also get a slight shock?
हाँ, ऐसा हो सकता है। जब किसी साधक की ऊर्जा सहस्रार या ऊपरी चक्रों पर सक्रिय होती है, तो उसके शरीर से एक प्रकार की ऊर्जा या वाइब्रेशन का प्रवाह होता है। यदि साधक का स्पर्श किसी दूसरे व्यक्ति को होता है, विशेषकर अपने करीबी जैसे पत्नी या बच्चों को, तो वे भी इस ऊर्जा को महसूस कर सकते हैं।
यह हल्का झटका या कंपन इस बात पर निर्भर करता है:
- साधक की ऊर्जा का स्तर: साधक की ऊर्जा जितनी प्रबल होगी, प्रभाव उतना अधिक महसूस हो सकता है।
- दूसरे व्यक्ति की संवेदनशीलता: कुछ लोग ऊर्जा के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं और उन्हें यह कंपन या झटका अधिक स्पष्ट रूप से महसूस हो सकता है।
- संपर्क का प्रकार: यदि संपर्क लंबे समय तक या अधिक गहराई से हो, तो ऊर्जा का प्रवाह अधिक प्रभावी हो सकता है।
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