guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green colour second time ke liye aata hai fir kuch nhi dikh rha पहले तीसरी आंख में नीले रंग की स्क्रीन दिखना शांति, गहराई और आध्यात्मिक सुरक्षा का संकेत था। अब बीच-बीच में हरे रंग का आना दर्शाता है कि आपकी साधना की ऊर्जा हीलिंग, संतुलन और हृदय चक्र से जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह रंग परिवर्तन सामान्य है और साधना के विभिन्न चरणों में होता है। कुछ समय तक रंग न दिखना भी संकेत है कि चेतना आंतरिक स्थिरता ले रही है और मन को विश्राम चाहिए। इसे रुकावट न समझें, बल्कि अभ्यास जारी रखें। धैर्य और नामजप से आगे और गहरे अनुभव होंगे।

ध्यान करने से पहले नहाना जरुरी है क्या? या फिर सुबह उठकर सिधा ध्यान करने बैठ जाय

 ध्यान करने से पहले नहाना जरुरी है क्या? या फिर सुबह उठकर सिधा ध्यान करने बैठ जाय?


ध्यान करने से पहले नहाना आवश्यक नहीं है, लेकिन यह व्यक्तिगत पसंद और सुविधा पर निर्भर करता है। नहाने से शरीर और मन ताजगी महसूस करते हैं, जिससे ध्यान में एकाग्रता बढ़ सकती है। यदि सुबह ध्यान करते समय आपका शरीर साफ और मन शांत है, तो बिना नहाए भी ध्यान कर सकते हैं। सुबह उठकर सीधे ध्यान करना अधिक प्रभावी हो सकता है क्योंकि उस समय मन स्वाभाविक रूप से शांत रहता है। अगर संभव हो तो चेहरा, हाथ-पैर धो लें और ध्यान के लिए आरामदायक व स्वच्छ स्थान चुनें। नियम और अनुशासन का पालन करना ध्यान को गहरा बनाता है।

Comments

Popular posts from this blog

परमात्मा क्यों भेजता है आत्मा को संसार में?

guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

कुण्डलनी जागरण