mujhe fragnances atti hai jaise hawan ki....dheyan bhi lgta hai ...agge kya kre.

mujhe fragnances atti hai jaise hawan ki....dheyan bhi lgta hai ...agge kya kre...meri body sometimes raat ko ajib c sikudne lgti hai jaise body main kuch khivh rha ho...ye kya hai n agge kya krain ??  यदि ध्यान के दौरान या उसके बाद आपको हवन जैसी सुगंध का अनुभव होता है और ध्यान भी सहज लगने लगता है, तो आध्यात्मिक परंपराओं में ऐसे अनुभवों को कभी-कभी मन की सूक्ष्म एकाग्रता या साधना के दौरान होने वाले आंतरिक अनुभवों के रूप में देखा जाता है। इसी प्रकार, रात में शरीर का सिकुड़ना या भीतर कुछ खिंचने जैसा महसूस होना भी कुछ साधकों को ध्यान के समय अनुभव हो सकता है। लेकिन केवल इन अनुभवों के आधार पर किसी निश्चित आध्यात्मिक अवस्था का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। आपका लक्ष्य अनुभवों का संग्रह नहीं, बल्कि मन की स्थिरता, नाम सिमरन और ईश्वर के प्रति प्रेम होना चाहिए। यदि ये अनुभूतियाँ बिना दर्द और भय के हैं, तो शांत रहकर नियमित साधना जारी रखें। लेकिन यदि शरीर का सिकुड़ना, दर्द, घबराहट या अन्य असामान्य लक्षण बार-बार हों या बढ़ने लगें, तो किसी योग्य चिकित्सक से भी अवश्य जाँच कराएँ, ताकि किसी शारीरिक...

मुझे शिवजी दिखते हैं सपने में , हकीकत में नहीं ?

मुझे शिवजी दिखते हैं सपने  में , हकीकत में नहीं ?

I see Lord Shiva in my dreams and not in reality ?



सपनों में शिवजी का दर्शन होना एक बहुत ही शुभ और आध्यात्मिक अनुभव है। यह संकेत करता है कि आप अपनी साधना और ध्यान के माध्यम से शिव तत्व के करीब पहुँच रहे हैं। शिवजी का सपनों में दर्शन कई अर्थों में समझा जा सकता है:

1. आध्यात्मिक प्रगति का संकेत

शिवजी का सपना यह दर्शा सकता है कि आप आध्यात्मिक रूप से प्रगति कर रहे हैं और आपकी साधना सही दिशा में है। यह आशीर्वाद का प्रतीक है और इस बात का संकेत है कि शिवजी आपकी यात्रा में मार्गदर्शन कर रहे हैं।

2. भीतर की यात्रा का प्रतीक

शिवजी "अद्वैत" और "शून्यता" के प्रतीक हैं। उनका सपना यह दर्शा सकता है कि आप अपने भीतर के सत्य और ब्रह्मांडीय चेतना से जुड़ रहे हैं। यह अनुभव आपकी आत्मा को जागृत करने का एक माध्यम हो सकता है।

3. साधना और भक्ति की स्वीकृति

यदि आप शिवजी के मंत्र ("ॐ नमः शिवाय") का जाप करते हैं या उनके प्रति गहरी भक्ति रखते हैं, तो यह सपना उनकी कृपा का संकेत है। यह दर्शाता है कि आपकी भक्ति और साधना को स्वीकृति मिल रही है।


हकीकत में दर्शन क्यों नहीं?

हकीकत में दर्शन न होना सामान्य है क्योंकि शिव तत्व अनुभूति और चेतना का विषय है, जो बाहरी रूप में नहीं, बल्कि भीतर के अनुभव में प्रकट होता है। शिव को देखने के लिए आँखों से नहीं, बल्कि ध्यान और समर्पण से महसूस करना होता है।

क्या करें?

  1. ध्यान में गहराई लाएं: शिवजी के स्वरूप पर ध्यान करें और "ॐ नमः शिवाय" का नियमित जाप करें।
  2. भक्ति को समर्पित रखें: अपनी भक्ति को शुद्ध और निस्वार्थ बनाएं।
  3. सपनों पर ध्यान दें: जो संदेश आपको सपने में मिलता है, उसे समझने की कोशिश करें।
  4. सहजता रखें: शिवजी का असली दर्शन उनके आशीर्वाद और उनकी ऊर्जा को महसूस करने में है, भले ही वह भौतिक रूप में न हो।

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