guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green colour second time ke liye aata hai fir kuch nhi dikh rha पहले तीसरी आंख में नीले रंग की स्क्रीन दिखना शांति, गहराई और आध्यात्मिक सुरक्षा का संकेत था। अब बीच-बीच में हरे रंग का आना दर्शाता है कि आपकी साधना की ऊर्जा हीलिंग, संतुलन और हृदय चक्र से जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह रंग परिवर्तन सामान्य है और साधना के विभिन्न चरणों में होता है। कुछ समय तक रंग न दिखना भी संकेत है कि चेतना आंतरिक स्थिरता ले रही है और मन को विश्राम चाहिए। इसे रुकावट न समझें, बल्कि अभ्यास जारी रखें। धैर्य और नामजप से आगे और गहरे अनुभव होंगे।

मेरा आख मे फाडकती है रोज ईसको कैसै रोके

 मेरा आख मे फाडकती है रोज ईसको कैसै रोके?


आंख फड़कने का मुख्य कारण शारीरिक या मानसिक तनाव, थकान, या पोषण की कमी हो सकता है। यह आमतौर पर हानिकारक नहीं होता है, लेकिन अगर यह बार-बार होता है, तो इसे रोकने के लिए कुछ कदम उठाए जा सकते हैं:


आंख फड़कने के कारण:

  1. तनाव: मानसिक तनाव से मांसपेशियां प्रभावित हो सकती हैं।
  2. थकान: नींद की कमी आंख फड़कने का सामान्य कारण है।
  3. पोषक तत्वों की कमी: विशेष रूप से मैग्नीशियम की कमी।
  4. आंखों पर तनाव: स्क्रीन (मोबाइल, कंप्यूटर) का अत्यधिक उपयोग।
  5. कैफीन या निकोटीन का अधिक सेवन

इसे रोकने के उपाय:

1. आराम और पर्याप्त नींद:

  • रोजाना 7-8 घंटे की नींद लें।
  • दिन में अपनी आंखों को थोड़ी देर बंद करके आराम दें।

2. आंखों का व्यायाम:

  • दिन में 2-3 बार आंखों को बंद करें और हल्के हाथों से आंखों की पलकों पर मसाज करें।
  • हर 20 मिनट में स्क्रीन से नजर हटाकर 20 सेकंड तक दूर की चीज देखें (20-20-20 नियम)।

3. तनाव कम करें:

  • नियमित ध्यान और प्राणायाम करें।
  • गहरी सांस लेने की आदत डालें। यह तनाव को कम करता है।

4. आहार में सुधार:

  • हरी सब्जियां, मेवे, और फलों का सेवन करें।
  • मैग्नीशियम से भरपूर आहार लें जैसे कि केला, बादाम, पालक।
  • पानी की कमी न होने दें, दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।

5. कैफीन और निकोटीन कम करें:

  • चाय, कॉफी और सिगरेट का सेवन कम करें, क्योंकि ये मांसपेशियों को उत्तेजित कर सकते हैं।

6. आई ड्रॉप का उपयोग:

  • अगर आंखें सूखी या थकी हुई महसूस होती हैं, तो डॉक्टर द्वारा सलाहित आई ड्रॉप का इस्तेमाल करें।

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