guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green colour second time ke liye aata hai fir kuch nhi dikh rha पहले तीसरी आंख में नीले रंग की स्क्रीन दिखना शांति, गहराई और आध्यात्मिक सुरक्षा का संकेत था। अब बीच-बीच में हरे रंग का आना दर्शाता है कि आपकी साधना की ऊर्जा हीलिंग, संतुलन और हृदय चक्र से जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह रंग परिवर्तन सामान्य है और साधना के विभिन्न चरणों में होता है। कुछ समय तक रंग न दिखना भी संकेत है कि चेतना आंतरिक स्थिरता ले रही है और मन को विश्राम चाहिए। इसे रुकावट न समझें, बल्कि अभ्यास जारी रखें। धैर्य और नामजप से आगे और गहरे अनुभव होंगे।

ध्यान के दौरन कोन कोन सा भाग पर हल्कापन होता है?

 ध्यान के दौरन कोन कोन सा भाग पर हल्कापन होता है?

Which part of the body feels light during meditation?


ध्यान के दौरान शरीर के विभिन्न हिस्सों में हल्कापन महसूस होना सामान्य है और यह संकेत करता है कि आप गहराई से ध्यान में जा रहे हैं। यह अनुभव शरीर में ऊर्जा के प्रवाह, चक्रों के सक्रिय होने और मानसिक शांति का परिणाम होता है। ध्यान के समय हल्कापन महसूस होने वाले प्रमुख भाग निम्नलिखित हो सकते हैं:


1. सिर और मस्तिष्क (सहस्रार और आज्ञा चक्र)

  • अनुभव: माथे (तीसरा नेत्र) और सिर के शीर्ष पर हल्कापन या ऊर्जा की लहरें महसूस हो सकती हैं।
  • कारण: ध्यान के दौरान आज्ञा चक्र और सहस्रार चक्र सक्रिय होते हैं, जिससे इस क्षेत्र में प्रकाश, खिंचाव, या भारहीनता का अनुभव हो सकता है।

2. हाथ और हथेलियां

  • अनुभव: हथेलियों में हल्कापन, झनझनाहट, या ऊर्जा का प्रवाह महसूस हो सकता है।
  • कारण: यह आपके ऊर्जा प्रवाह (प्राण) के जागृत होने का संकेत है। ध्यान के दौरान हाथों में ऊर्जा संग्रहित होती है।

3. पैर और तलवे

  • अनुभव: पैरों में भारहीनता, गर्माहट, या कंपन महसूस हो सकता है।
  • कारण: यह मूलाधार और स्वाधिष्ठान चक्र के संतुलन और ऊर्जा प्रवाह को दर्शाता है।

4. पीठ और रीढ़ की हड्डी

  • अनुभव: रीढ़ के आसपास हल्का कंपन, गर्मी, या हल्कापन।
  • कारण: यह कुण्डलिनी ऊर्जा के सक्रिय होने का संकेत हो सकता है, जो रीढ़ के माध्यम से ऊपर की ओर बढ़ती है।

5. छाती और हृदय क्षेत्र (अनाहत चक्र)

  • अनुभव: छाती में हल्कापन, खुलापन, या प्रेम और करुणा की अनुभूति।
  • कारण: अनाहत चक्र (हृदय चक्र) की सक्रियता के कारण।

6. पेट और नाभि क्षेत्र (मणिपुर चक्र)

  • अनुभव: नाभि के आसपास हल्कापन, गर्माहट, या कंपन।
  • कारण: मणिपुर चक्र की सक्रियता से यह क्षेत्र संतुलित होता है, जिससे आत्मविश्वास और शक्ति का अनुभव होता है।

7. पूरे शरीर में

  • अनुभव: शरीर पूरी तरह से हल्का, भारहीन, या जैसे आप हवा में तैर रहे हों।
  • कारण: यह दर्शाता है कि आपका मन और शरीर पूरी तरह से ध्यानमय अवस्था में हैं।

क्या करें यदि हल्कापन हो?

  1. स्वाभाविक रूप से अनुभव करें: इसे रोकने या समझने की कोशिश न करें। इसे सहजता से महसूस करें।
  2. सांस पर ध्यान केंद्रित करें: यह अनुभव को स्थिर बनाए रखेगा और डर को दूर करेगा।
  3. आनंद लें: यह गहन ध्यान का संकेत है और आपके आध्यात्मिक विकास का हिस्सा है।

Comments

  1. When I meditate, I feel in only left portion of body light. What to do for balancing.

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