mujhe fragnances atti hai jaise hawan ki....dheyan bhi lgta hai ...agge kya kre.

mujhe fragnances atti hai jaise hawan ki....dheyan bhi lgta hai ...agge kya kre...meri body sometimes raat ko ajib c sikudne lgti hai jaise body main kuch khivh rha ho...ye kya hai n agge kya krain ??  यदि ध्यान के दौरान या उसके बाद आपको हवन जैसी सुगंध का अनुभव होता है और ध्यान भी सहज लगने लगता है, तो आध्यात्मिक परंपराओं में ऐसे अनुभवों को कभी-कभी मन की सूक्ष्म एकाग्रता या साधना के दौरान होने वाले आंतरिक अनुभवों के रूप में देखा जाता है। इसी प्रकार, रात में शरीर का सिकुड़ना या भीतर कुछ खिंचने जैसा महसूस होना भी कुछ साधकों को ध्यान के समय अनुभव हो सकता है। लेकिन केवल इन अनुभवों के आधार पर किसी निश्चित आध्यात्मिक अवस्था का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। आपका लक्ष्य अनुभवों का संग्रह नहीं, बल्कि मन की स्थिरता, नाम सिमरन और ईश्वर के प्रति प्रेम होना चाहिए। यदि ये अनुभूतियाँ बिना दर्द और भय के हैं, तो शांत रहकर नियमित साधना जारी रखें। लेकिन यदि शरीर का सिकुड़ना, दर्द, घबराहट या अन्य असामान्य लक्षण बार-बार हों या बढ़ने लगें, तो किसी योग्य चिकित्सक से भी अवश्य जाँच कराएँ, ताकि किसी शारीरिक...

ध्यान में मुझे रंग बिरंगी रंग दिखाई देते हैं इसका क्या मतलब है

 ध्यान में मुझे रंग बिरंगी रंग दिखाई देते हैं इसका क्या मतलब है

What does it mean when I meditate to see colorful colors?


ध्यान में रंग-बिरंगे रंग दिखाई देना साधना में प्रगति और आपकी आंतरिक ऊर्जा (चक्रों) की गतिविधियों का संकेत है। प्रत्येक रंग का संबंध आपकी ऊर्जा, मनोस्थिति, और आध्यात्मिक विकास के विभिन्न पहलुओं से होता है। इसे समझने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान दें:

1. चक्रों का प्रभाव

योग और ध्यान में, हमारे शरीर में सात मुख्य ऊर्जा केंद्र (चक्र) माने गए हैं। प्रत्येक चक्र एक विशिष्ट रंग से जुड़ा होता है:

  • लाल: मूलाधार चक्र (Root Chakra) - स्थिरता, सुरक्षा, और आधारभूत ऊर्जा।
  • नारंगी: स्वाधिष्ठान चक्र (Sacral Chakra) - रचनात्मकता और भावनात्मक ऊर्जा।
  • पीला: मणिपुर चक्र (Solar Plexus Chakra) - आत्मविश्वास और शक्ति।
  • हरा या गुलाबी: अनाहत चक्र (Heart Chakra) - प्रेम और करुणा।
  • नीला: विशुद्ध चक्र (Throat Chakra) - संचार और अभिव्यक्ति।
  • जामुनी या बैंगनी: आज्ञा चक्र (Third Eye Chakra) - अंतर्ज्ञान और ध्यान।
  • सफेद या सुनहरा: सहस्रार चक्र (Crown Chakra) - आध्यात्मिक संबंध और दिव्यता।

2. रंगों का ध्यान में दिखना

  • रंग बदलना: यदि ध्यान के दौरान रंग बदलते हैं, तो यह दर्शाता है कि आपकी ऊर्जा विभिन्न चक्रों से होकर प्रवाहित हो रही है।
  • चमकीले या हल्के रंग: सकारात्मक ऊर्जा, शुद्धिकरण, और आध्यात्मिक प्रगति का संकेत।
  • धुंधले या गहरे रंग: आपकी भावनात्मक या मानसिक स्थितियों का प्रतिबिंब हो सकते हैं, जैसे तनाव, डर, या नकारात्मकता।

3. आध्यात्मिक संकेत

रंग-बिरंगे दृश्य यह दर्शा सकते हैं कि:

  • आपकी ऊर्जा शुद्ध हो रही है।
  • आप गहरी ध्यान अवस्था में प्रवेश कर रहे हैं।
  • आपकी चेतना उच्च स्तर पर पहुंच रही है।
  • आप दिव्य अनुभवों के करीब हैं, जैसे अंतर्ज्ञान का विकास या अपने उच्च स्व के साथ जुड़ना।



Comments

Popular posts from this blog

guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

परमात्मा क्यों भेजता है आत्मा को संसार में?

मैं जब दीये को एक मिनट व देखु फिर आँखे बंद करू तो दिए की ज्योति मुझें आज्ञा चक्र पर दिखाई देती है.....