guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green colour second time ke liye aata hai fir kuch nhi dikh rha पहले तीसरी आंख में नीले रंग की स्क्रीन दिखना शांति, गहराई और आध्यात्मिक सुरक्षा का संकेत था। अब बीच-बीच में हरे रंग का आना दर्शाता है कि आपकी साधना की ऊर्जा हीलिंग, संतुलन और हृदय चक्र से जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह रंग परिवर्तन सामान्य है और साधना के विभिन्न चरणों में होता है। कुछ समय तक रंग न दिखना भी संकेत है कि चेतना आंतरिक स्थिरता ले रही है और मन को विश्राम चाहिए। इसे रुकावट न समझें, बल्कि अभ्यास जारी रखें। धैर्य और नामजप से आगे और गहरे अनुभव होंगे।

ध्यान में हमारा गले पर थोड़ा नीचे प्रकाश हमको दिखता है -In meditation we see light a little below our neck.

 ध्यान में हमारा गले पर थोड़ा नीचे प्रकाश हमको दिखता है -In meditation we see light a little below our neck.



गले पर थोड़ा नीचे प्रकाश का दिखना एक आध्यात्मिक अनुभव हो सकता है। यह अनुभव अक्सर ध्यान, प्राणायाम, या आध्यात्मिक साधना के दौरान होता है। गले के थोड़ा नीचे का क्षेत्र हमारे विशुद्धि चक्र (throat chakra) से जुड़ा होता है। यह चक्र सात मुख्य चक्रों में से एक है और इसे अभिव्यक्ति, संचार, और सच्चाई का केंद्र माना जाता है।

प्रकाश दिखने का अर्थ:

  1. चक्र का सक्रिय होना:
    गले के पास प्रकाश देखना संकेत हो सकता है कि आपका विशुद्धि चक्र जागृत या सक्रिय हो रहा है। जब यह चक्र संतुलित होता है, तो व्यक्ति को स्पष्टता, रचनात्मकता और सच्चाई को व्यक्त करने की शक्ति मिलती है।

  2. ऊर्जा प्रवाह:
    यह अनुभव यह भी दर्शाता है कि आपके शरीर में ऊर्जा का प्रवाह बढ़ रहा है और वह विशुद्धि चक्र पर केंद्रित हो रहा है।

  3. आध्यात्मिक संकेत:
    प्रकाश अक्सर दिव्य उपस्थिति, चेतना के उच्च स्तर, या ऊर्जा की शुद्धता का प्रतीक होता है। यह दर्शाता है कि आप एक गहरी आध्यात्मिक प्रक्रिया में हैं।

  4. स्वयं का विकास:
    यदि आप ध्यान या साधना में हैं, तो यह आपके आंतरिक विकास और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक हो सकता है।

इसे समझने के लिए सुझाव:

  1. ध्यान दें:
    जब आपको यह प्रकाश दिखे, तो अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करें और इसे बिना किसी डर या चिंता के स्वीकार करें।

  2. विशुद्धि चक्र पर ध्यान:
    "हम" बीज मंत्र का जाप करें, जो विशुद्धि चक्र से जुड़ा है। इससे ऊर्जा संतुलित होगी और अनुभव स्पष्ट हो सकता है।

  3. ध्यान में गहराई:
    ध्यान के दौरान इस क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करें। इसे देखें कि यह प्रकाश कैसा महसूस होता है और यह आपकी ऊर्जा या भावनाओं को कैसे प्रभावित करता है।

  4. शांत और संतुलित रहें:
    अगर यह अनुभव बार-बार हो रहा है, तो यह आपके आध्यात्मिक पथ का हिस्सा है। इसे सहजता से अपनाएं।

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