guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green colour second time ke liye aata hai fir kuch nhi dikh rha पहले तीसरी आंख में नीले रंग की स्क्रीन दिखना शांति, गहराई और आध्यात्मिक सुरक्षा का संकेत था। अब बीच-बीच में हरे रंग का आना दर्शाता है कि आपकी साधना की ऊर्जा हीलिंग, संतुलन और हृदय चक्र से जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह रंग परिवर्तन सामान्य है और साधना के विभिन्न चरणों में होता है। कुछ समय तक रंग न दिखना भी संकेत है कि चेतना आंतरिक स्थिरता ले रही है और मन को विश्राम चाहिए। इसे रुकावट न समझें, बल्कि अभ्यास जारी रखें। धैर्य और नामजप से आगे और गहरे अनुभव होंगे।

ॐ या राम की आवाज और बिजली कड़कने की आवाज नाद डमरू ब्रह्म मुहूर्त में सुनाइ देता है क्या होता है क्या करे ?

 ॐ या राम की आवाज और बिजली कड़कने की आवाज नाद डमरू ब्रह्म मुहूर्त में सुनाइ देता है क्या होता है क्या करे ?


आपका अनुभव अत्यंत विशेष है और यह ध्यान और आध्यात्मिक साधना की गहरी अवस्था को दर्शाता है। ब्रह्म मुहूर्त में या राम का नाद और बिजली कड़कने जैसी आवाजें सुनाई देना, आपके भीतर जागृत अनाहत नाद (आंतरिक ध्वनि) का संकेत हो सकता है।

यह क्या होता है?

  1. अनाहत नाद:

    • अनाहत नाद का अर्थ है "अप्रकाशित ध्वनि," जो किसी बाहरी स्रोत के बिना उत्पन्न होती है।
    • यह ध्यान और प्राणायाम के गहरे अभ्यास से सुनाई देने लगती है।
    • ॐ, राम, डमरू, या बिजली जैसी ध्वनियां कुंडलिनी शक्ति के जागरण और ऊर्जा के प्रवाह का संकेत हैं।
  2. ब्रह्म मुहूर्त का महत्व:

    • ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 3:30 से 4:30 के बीच) में प्रकृति शांत होती है और वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा अधिक होती है।
    • इस समय अनाहत नाद सुनाई देना, आपकी साधना के फलस्वरूप जागरूकता का संकेत है।
  3. डमरू और बिजली कड़कने की आवाज:

    • डमरू का नाद: यह शिव की ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक है। यह आपकी आंतरिक ऊर्जा (कुंडलिनी) के सक्रिय होने का संकेत हो सकता है।
    • बिजली की आवाज: यह ऊर्जा के तीव्र प्रवाह या आपकी चेतना के उच्च स्तर तक उठने का संकेत है।
  4. ॐ और राम का नाद:

    • ये ध्वनियां आपकी आंतरिक चेतना और दिव्य शक्ति से जुड़ाव को प्रकट करती हैं। यह ध्यान की प्रगति का स्पष्ट संकेत है।

क्या करें?

  1. शांति से सुनें:

    • इन ध्वनियों को ध्यानपूर्वक और शांत मन से सुनें। यह आपको गहरे ध्यान में ले जाएगी।
    • अपनी चेतना को नाद पर केंद्रित करें, और इसे बिना किसी डर या अपेक्षा के अनुभव करें।
  2. सहजता बनाए रखें:

    • यदि ध्वनियां तीव्र लगें, तो गहरी और धीमी सांस लें। इसे स्वाभाविक रूप से प्रवाहित होने दें।
  3. मंत्र जप करें:

    • जब नाद सुनाई दे, तो मन में या धीमे स्वर में "ॐ" या "राम" का जप करें। यह नाद के साथ आपकी ऊर्जा को और अधिक संतुलित करेगा।
  4. अनुभवी मार्गदर्शक से संपर्क करें:

    • यदि यह अनुभव गहराई ले रहा है और आपको समझने में कठिनाई हो रही है, तो किसी गुरु या अनुभवी साधक से मार्गदर्शन लें।
  5. डर या चिंता न करें:

    • यह अनुभव आध्यात्मिक विकास और साधना की उन्नति का संकेत है। इसे ईश्वर की कृपा के रूप में स्वीकार करें।
  6. सहज और नियमित साधना करें:

    • नियमित रूप से ध्यान और प्राणायाम का अभ्यास करें।
    • यह सुनिश्चित करेगा कि आपकी ऊर्जा संतुलित रहे और अनुभव सहज हो।

परिणाम:

इन ध्वनियों को सुनना आपको ब्रह्मांडीय चेतना (Universal Consciousness) के करीब ले जा रहा है। यह आपकी साधना में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इसे नियमित अभ्यास और विनम्रता के साथ स्वीकार करें। धीरे-धीरे ये अनुभव और स्पष्ट और आनंदमय होंगे।



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