guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green colour second time ke liye aata hai fir kuch nhi dikh rha पहले तीसरी आंख में नीले रंग की स्क्रीन दिखना शांति, गहराई और आध्यात्मिक सुरक्षा का संकेत था। अब बीच-बीच में हरे रंग का आना दर्शाता है कि आपकी साधना की ऊर्जा हीलिंग, संतुलन और हृदय चक्र से जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह रंग परिवर्तन सामान्य है और साधना के विभिन्न चरणों में होता है। कुछ समय तक रंग न दिखना भी संकेत है कि चेतना आंतरिक स्थिरता ले रही है और मन को विश्राम चाहिए। इसे रुकावट न समझें, बल्कि अभ्यास जारी रखें। धैर्य और नामजप से आगे और गहरे अनुभव होंगे।

ध्यान कर लेने के बाद हमें कभी-कभी कुछ-कुछ चीजे...भूलने की बिमारी क्यों हो जाती हैं?

 ध्यान कर लेने के बाद हमें कभी-कभी कुछ-कुछ चीजे...भूलने की बिमारी क्यों हो जाती हैं?

Why do we sometimes forget some things after meditating?


ध्यान के बाद कभी-कभी चीजों को भूलने का अनुभव होना कई कारणों से हो सकता है, और यह हर साधक के लिए समान नहीं होता। आइए इसके संभावित कारणों और समाधानों को समझते हैं:


1. मन की गहराई में जाने के प्रभाव

ध्यान के दौरान, आपका मन "अल्फा" या "थीटा" ब्रेन वेव स्टेट में प्रवेश करता है, जहां मन शांत और गहराई में होता है। इस अवस्था में चेतना बाहरी चीजों से हटकर भीतर की ओर केंद्रित हो जाती है।

  • इसका परिणाम यह हो सकता है कि ध्यान के तुरंत बाद आपका मन सामान्य जाग्रत अवस्था (Beta state) में वापस आने में थोड़ा समय लेता है। इसी कारण चीजों को याद करने में दिक्कत हो सकती है।

समाधान:
ध्यान के बाद तुरंत सामान्य गतिविधियों में न लगें। कुछ समय तक शांति में बैठें और खुद को व्यवस्थित करें।


2. ऊर्जा का पुनर्संयोजन (Energy Redistribution)

ध्यान के दौरान, शरीर और मस्तिष्क में ऊर्जा का प्रवाह बदलता है। यह ऊर्जा मस्तिष्क के कुछ हिस्सों को गहराई से सक्रिय करती है, जबकि अन्य हिस्से थोड़े धीमे हो सकते हैं। इस कारण कभी-कभी स्मरणशक्ति में अस्थायी कमी महसूस होती है।

समाधान:

  • ध्यान के बाद सांस पर ध्यान केंद्रित करें और गहरी सांसें लें।
  • हल्के व्यायाम करें जैसे कंधे और गर्दन घुमाना, ताकि ऊर्जा संतुलित हो जाए।

3. बाहरी ध्यान (Detachment from External World)

ध्यान हमें वर्तमान क्षण में रहने और बाहरी चीजों से विमुख होने की क्षमता सिखाता है। इससे कभी-कभी सामान्य स्मृतियां, जैसे कि हाल ही में किए गए कार्य या छोटी बातें, प्राथमिकता में पीछे रह जाती हैं।

समाधान:

  • ध्यान से पहले और बाद में अपनी प्राथमिकताओं और कार्यों को लिख लें।
  • एक डायरी रखना उपयोगी हो सकता है।

4. मानसिक थकान या तनाव

यदि आप ध्यान के समय के अलावा भी मानसिक रूप से बहुत थके हुए हैं या तनावग्रस्त रहते हैं, तो ध्यान के बाद चीजों को भूलने की संभावना बढ़ सकती है। ध्यान इस थकावट को कुछ समय के लिए शांत करता है, लेकिन गहराई से आराम लेने के बाद यह महसूस होता है।

समाधान:

  • अपनी दिनचर्या में पर्याप्त आराम और पौष्टिक आहार शामिल करें।
  • ध्यान के बाद हल्के-फुल्के काम करें और तुरंत भारी मानसिक कार्यों से बचें।

5. गहरी साधना के प्रभाव

गहरी ध्यान साधना कभी-कभी मस्तिष्क के उच्च स्तरों को सक्रिय करती है। इससे वर्तमान स्मरणशक्ति (short-term memory) अस्थायी रूप से प्रभावित हो सकती है। यह साधकों में एक सामान्य अनुभव है।

समाधान:

  • ध्यान के बाद तुरंत कुछ ठोस चीज़ों पर ध्यान केंद्रित करें, जैसे एक किताब पढ़ना या एक सूची बनाना।
  • लंबे समय तक नियमित ध्यान करने से यह प्रभाव स्थिर हो जाएगा।

6. असंतुलित ध्यान अभ्यास

यदि ध्यान अभ्यास असंतुलित है, जैसे कि बिना किसी गाइडेंस के कुंडलिनी या गहरी ध्यान विधियों का अभ्यास करना, तो यह स्मरणशक्ति पर असर डाल सकता है।

समाधान:

  • अपने ध्यान अभ्यास को संतुलित रखें।
  • किसी अनुभवी गुरु या मार्गदर्शक से सलाह लें।

7. भौतिक स्वास्थ्य कारण

कभी-कभी यह अनुभव शरीर की जरूरतों, जैसे नींद की कमी, पोषण की कमी, या रक्त प्रवाह में कमी, से भी जुड़ा हो सकता है।

समाधान:

  • अपने आहार में स्वस्थ पोषक तत्व शामिल करें।
  • पर्याप्त नींद लें।

ध्यान दें:

यह भूलने का अनुभव स्थायी नहीं होता। यह आपके मस्तिष्क और शरीर की गहराई से सफाई और पुनर्संयोजन (resetting) का एक हिस्सा हो सकता है। समय के साथ, आपकी स्मरणशक्ति और ध्यान की गहराई दोनों बेहतर होंगे।

यदि यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ या गुरु से परामर्श अवश्य करें।

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