guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green colour second time ke liye aata hai fir kuch nhi dikh rha पहले तीसरी आंख में नीले रंग की स्क्रीन दिखना शांति, गहराई और आध्यात्मिक सुरक्षा का संकेत था। अब बीच-बीच में हरे रंग का आना दर्शाता है कि आपकी साधना की ऊर्जा हीलिंग, संतुलन और हृदय चक्र से जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह रंग परिवर्तन सामान्य है और साधना के विभिन्न चरणों में होता है। कुछ समय तक रंग न दिखना भी संकेत है कि चेतना आंतरिक स्थिरता ले रही है और मन को विश्राम चाहिए। इसे रुकावट न समझें, बल्कि अभ्यास जारी रखें। धैर्य और नामजप से आगे और गहरे अनुभव होंगे।

मैं रोज रात्रि 11 से 12 और सुबह 5 से 6 बजे तक ध्यान करती हूं लेकिन जब मेरे ध्यान में अंतर आता है या मैं ध्यान नहीं करती हूं तो ठीक उसी समय मेरे कान में फड़कन होती है, ऐसा क्यों होता है

 मैं रोज रात्रि 11 से 12 और सुबह 5 से 6 बजे तक ध्यान करती हूं लेकिन जब मेरे ध्यान में अंतर आता है या मैं ध्यान नहीं करती हूं तो ठीक उसी समय मेरे कान में फड़कन होती है, ऐसा क्यों होता है?


आपके ध्यान में निरंतरता के दौरान ऊर्जा का प्रवाह स्थिर हो जाता है, जिससे आपका शरीर और मन एक विशेष लय में आ जाते हैं। जब आप ध्यान नहीं करतीं या इसमें व्यवधान आता है, तो यह ऊर्जा असंतुलित हो सकती है, जो आपके कान में फड़कन के रूप में प्रकट हो सकती है। यह संकेत हो सकता है कि आपका शरीर ध्यान की प्रक्रिया को याद कर रहा है या आपको उस समय अपनी साधना की ओर वापस बुला रहा है। इसे संतुलित करने के लिए नियमित ध्यान का अभ्यास करें और अपने आहार व दिनचर्या को भी संतुलित रखें।

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