guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green colour second time ke liye aata hai fir kuch nhi dikh rha पहले तीसरी आंख में नीले रंग की स्क्रीन दिखना शांति, गहराई और आध्यात्मिक सुरक्षा का संकेत था। अब बीच-बीच में हरे रंग का आना दर्शाता है कि आपकी साधना की ऊर्जा हीलिंग, संतुलन और हृदय चक्र से जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह रंग परिवर्तन सामान्य है और साधना के विभिन्न चरणों में होता है। कुछ समय तक रंग न दिखना भी संकेत है कि चेतना आंतरिक स्थिरता ले रही है और मन को विश्राम चाहिए। इसे रुकावट न समझें, बल्कि अभ्यास जारी रखें। धैर्य और नामजप से आगे और गहरे अनुभव होंगे।

गुरुजी प्रणाम, मेरा 2 माह होगया मेरा अज्ञान चक्र, सहस्र चक्र लगतर कंपन करता है, मैं केवल नाम जप और ध्यान करता हूं। मेरा कोई गुरु नहीं, भगवान वासुदेव को मैं गुरु मानता हूं, उम्र में क्या करूं, कृपया उपाय बताएं। मुझे कोई प्रकाश नेहिं देखाइदेता, केवल कंपन करता है।

 गुरुजी प्रणाम, मेरा 2 माह होगया मेरा अज्ञान चक्र, सहस्र चक्र लगतर कंपन करता है, मैं केवल नाम जप और ध्यान करता हूं। मेरा कोई गुरु नहीं, भगवान वासुदेव को मैं गुरु मानता हूं, उम्र में क्या करूं, कृपया उपाय बताएं। मुझे कोई प्रकाश नेहिं देखाइदेता, केवल कंपन करता है। ?


प्रणाम, आपका आज्ञा चक्र और सहस्रार चक्र में लगातार कंपन होना दर्शाता है कि ऊर्जा सक्रिय हो रही है। यह एक महत्वपूर्ण अवस्था है, लेकिन संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। आप भगवान वासुदेव को गुरु मानते हैं, यह बहुत शुभ है—उनकी कृपा से ही यह अनुभव हो रहा है।

उपाय:

  1. साधना में संतुलन रखें – अधिक जोर न दें, सहजता से ध्यान करें।
  2. जप जारी रखें – "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" या "ॐ" का जप करें।
  3. भूखे पेट ध्यान न करें – हल्का भोजन करें।
  4. धरती से जुड़ें – नंगे पैर घास पर चलें।

धैर्य रखें, प्रकाश भी प्रकट होगा। 🙏

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