hank you All mighty authorities universe Devin param pujya param param maha shiv ji

  Thank you All mighty authorities universe Devin param pujya param param maha shiv ji aadi shakti thank you Jay Jay Shree Sita Ram ji thank you Jay Jay Shree Hanuman ji thank you angel thank you purbjo ko koti koti dhanyawad Koti koti sukriya koti koti sada sahaay आपकी कृतज्ञता ही आपकी साधना को प्रेम, विनम्रता और समर्पण से भर सकती है। परमपिता परमात्मा, परम पूज्य महादेव जी, आदिशक्ति माँ जगदंबा, श्री सीताराम जी और श्री हनुमान जी के प्रति श्रद्धा बनाए रखें। अपने पूर्वजों को भी प्रेमपूर्वक नमन करें और उनके अच्छे संस्कारों को जीवन में अपनाएँ। ब्रह्मांड की प्रत्येक कृपा के लिए धन्यवाद दें, लेकिन याद रखें कि सच्ची आध्यात्मिक उन्नति शुद्ध विचारों, करुणा, सेवा और सत्य के मार्ग पर चलने से होती है। ईश्वर आपको सद्बुद्धि, शांति, साहस और सही मार्ग प्रदान करें। जय श्री सीताराम! 🙏

आज्ञा चक्र पर बहुत दिन से एक गर्भावस्था हो रही है कृपा करके समाधान बताएं

 आज्ञा चक्र पर बहुत दिन से एक गर्भावस्था हो रही है कृपा करके समाधान बताएं?


ध्यान के दौरान आज्ञा चक्र पर "गर्भावस्था" जैसा अनुभव होना एक गहरी ऊर्जा गतिविधि का संकेत हो सकता है। यह इस बात का प्रतीक हो सकता है कि आपकी ऊर्जा इस केंद्र पर केंद्रित हो रही है और वहां जागृति या संवेदनशीलता बढ़ रही है। इसे समझने और संतुलित करने के लिए नीचे दिए गए कदम मदद कर सकते हैं:

1. ध्यान को संतुलित करें:

  • जमीन से जुड़ाव: यदि आप लंबे समय से केवल आज्ञा चक्र पर ध्यान कर रहे हैं, तो थोड़ा समय "मूलाधार चक्र" पर ध्यान केंद्रित करें। यह ऊर्जा को संतुलित करेगा और किसी भी असुविधा को कम करेगा।
  • पूर्ण योग या श्वास अभ्यास करें: नाड़ी शोधन प्राणायाम (अनुलोम-विलोम) आपके शरीर की ऊर्जा को संतुलित करने में मदद करेगा।

2. सहजता बनाए रखें:

  • ध्यान करते समय अपनी भावना को स्वाभाविक रूप से बहने दें। जब आप आज्ञा चक्र पर ध्यान करते हैं और कोई असामान्य अनुभव होता है, तो उसे स्वीकार करें लेकिन उसमें अति न करें। यह प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है।

3. आसन और मुद्रा का ध्यान रखें:

  • रीढ़ सीधी और आरामदायक स्थिति में होनी चाहिए। यदि सिर में भारीपन महसूस होता है, तो शरीर को थोड़ा आराम दें और गहरी सांस लें।

4. सहायता के लिए मंत्र और ध्यान:

  • "ओम" का जप करें: यह आज्ञा चक्र को शुद्ध और स्थिर करने में सहायक होता है।
  • गुरु या मार्गदर्शक से सलाह लें: यदि यह अनुभव लंबे समय तक रहता है या अधिक असुविधाजनक हो जाता है, तो किसी अनुभवी योग या ध्यान शिक्षक से मार्गदर्शन लें।

5. भौतिक स्तर पर ध्यान दें:

  • भरपूर जल पिएं: शरीर को हाइड्रेटेड रखें ताकि ऊर्जा का प्रवाह बाधित न हो।
  • संतुलित आहार लें: ताजा और सत्त्विक भोजन करें।

6. विश्राम करें:

  • यदि अनुभव अधिक तीव्र हो, तो कुछ दिनों के लिए ध्यान में इस केंद्र पर ध्यान देना बंद कर दें और केवल श्वास-प्रश्वास पर ध्यान केंद्रित करें।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

परमात्मा क्यों भेजता है आत्मा को संसार में?

मैं जब दीये को एक मिनट व देखु फिर आँखे बंद करू तो दिए की ज्योति मुझें आज्ञा चक्र पर दिखाई देती है.....