guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green colour second time ke liye aata hai fir kuch nhi dikh rha पहले तीसरी आंख में नीले रंग की स्क्रीन दिखना शांति, गहराई और आध्यात्मिक सुरक्षा का संकेत था। अब बीच-बीच में हरे रंग का आना दर्शाता है कि आपकी साधना की ऊर्जा हीलिंग, संतुलन और हृदय चक्र से जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह रंग परिवर्तन सामान्य है और साधना के विभिन्न चरणों में होता है। कुछ समय तक रंग न दिखना भी संकेत है कि चेतना आंतरिक स्थिरता ले रही है और मन को विश्राम चाहिए। इसे रुकावट न समझें, बल्कि अभ्यास जारी रखें। धैर्य और नामजप से आगे और गहरे अनुभव होंगे।

आज्ञा चक्र पर बहुत दिन से एक गर्भावस्था हो रही है कृपा करके समाधान बताएं

 आज्ञा चक्र पर बहुत दिन से एक गर्भावस्था हो रही है कृपा करके समाधान बताएं?


ध्यान के दौरान आज्ञा चक्र पर "गर्भावस्था" जैसा अनुभव होना एक गहरी ऊर्जा गतिविधि का संकेत हो सकता है। यह इस बात का प्रतीक हो सकता है कि आपकी ऊर्जा इस केंद्र पर केंद्रित हो रही है और वहां जागृति या संवेदनशीलता बढ़ रही है। इसे समझने और संतुलित करने के लिए नीचे दिए गए कदम मदद कर सकते हैं:

1. ध्यान को संतुलित करें:

  • जमीन से जुड़ाव: यदि आप लंबे समय से केवल आज्ञा चक्र पर ध्यान कर रहे हैं, तो थोड़ा समय "मूलाधार चक्र" पर ध्यान केंद्रित करें। यह ऊर्जा को संतुलित करेगा और किसी भी असुविधा को कम करेगा।
  • पूर्ण योग या श्वास अभ्यास करें: नाड़ी शोधन प्राणायाम (अनुलोम-विलोम) आपके शरीर की ऊर्जा को संतुलित करने में मदद करेगा।

2. सहजता बनाए रखें:

  • ध्यान करते समय अपनी भावना को स्वाभाविक रूप से बहने दें। जब आप आज्ञा चक्र पर ध्यान करते हैं और कोई असामान्य अनुभव होता है, तो उसे स्वीकार करें लेकिन उसमें अति न करें। यह प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है।

3. आसन और मुद्रा का ध्यान रखें:

  • रीढ़ सीधी और आरामदायक स्थिति में होनी चाहिए। यदि सिर में भारीपन महसूस होता है, तो शरीर को थोड़ा आराम दें और गहरी सांस लें।

4. सहायता के लिए मंत्र और ध्यान:

  • "ओम" का जप करें: यह आज्ञा चक्र को शुद्ध और स्थिर करने में सहायक होता है।
  • गुरु या मार्गदर्शक से सलाह लें: यदि यह अनुभव लंबे समय तक रहता है या अधिक असुविधाजनक हो जाता है, तो किसी अनुभवी योग या ध्यान शिक्षक से मार्गदर्शन लें।

5. भौतिक स्तर पर ध्यान दें:

  • भरपूर जल पिएं: शरीर को हाइड्रेटेड रखें ताकि ऊर्जा का प्रवाह बाधित न हो।
  • संतुलित आहार लें: ताजा और सत्त्विक भोजन करें।

6. विश्राम करें:

  • यदि अनुभव अधिक तीव्र हो, तो कुछ दिनों के लिए ध्यान में इस केंद्र पर ध्यान देना बंद कर दें और केवल श्वास-प्रश्वास पर ध्यान केंद्रित करें।

Comments

Popular posts from this blog

परमात्मा क्यों भेजता है आत्मा को संसार में?

guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Main mantra jaap karti hu. Mere sir ke andar beecho beech dhadkan hoti hai ...........