तुरिया अवस्था क्या होती है

 तुरिया अवस्था क्या होती है?


तुरिया अवस्था आत्मा की चौथी और सबसे उच्च अवस्था है, जो जाग्रत, स्वप्न, और सुषुप्ति से परे है। इसे शुद्ध चेतना, ब्रह्मांडीय सत्य, और आत्म-अनुभूति की अवस्था कहा जाता है। तुरिया में व्यक्ति शरीर, मन और विचारों से ऊपर उठकर अनंत शांति और आनंद का अनुभव करता है। यह अहंकार का पूर्ण विलय और परमात्मा से एकत्व की स्थिति है। इस अवस्था में व्यक्ति न तो जाग्रत होता है, न सोता है, और न ही स्वप्न देखता है, बल्कि वह साक्षी बन जाता है। यह ध्यान और साधना के माध्यम से प्राप्त की जाने वाली आत्मा की परम स्थिति है।

शास्त्रों में चेतना की चार अवस्थाएँ बताई गई हैं:

  1. जाग्रत अवस्था (Wakeful State): यह हमारी सामान्य चेतना की अवस्था है, जहाँ हम अपने शरीर, मन, और इंद्रियों के माध्यम से बाहरी संसार का अनुभव करते हैं।

  2. स्वप्न अवस्था (Dream State): इसमें व्यक्ति मानसिक और सूक्ष्म शरीर के माध्यम से स्वप्न देखता है। यह हमारी आंतरिक वासनाओं और इच्छाओं का प्रतिबिंब होती है।

  3. सुषुप्ति अवस्था (Deep Sleep State): इसमें व्यक्ति गहरी नींद में होता है, जहाँ कोई स्वप्न नहीं होता। मन, बुद्धि और अहंकार विलीन रहते हैं, लेकिन चेतना अव्यक्त रूप में रहती है।

  4. तुरिया अवस्था (Transcendental State): यह इन तीनों अवस्थाओं से परे है। इसमें आत्मा ब्रह्म से एकत्व का अनुभव करती है। यह शुद्ध चेतना, शांति और आनंद की परम स्थिति है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

परमात्मा क्यों भेजता है आत्मा को संसार में?

मैं जब दीये को एक मिनट व देखु फिर आँखे बंद करू तो दिए की ज्योति मुझें आज्ञा चक्र पर दिखाई देती है.....