mujhe fragnances atti hai jaise hawan ki....dheyan bhi lgta hai ...agge kya kre.

mujhe fragnances atti hai jaise hawan ki....dheyan bhi lgta hai ...agge kya kre...meri body sometimes raat ko ajib c sikudne lgti hai jaise body main kuch khivh rha ho...ye kya hai n agge kya krain ??  यदि ध्यान के दौरान या उसके बाद आपको हवन जैसी सुगंध का अनुभव होता है और ध्यान भी सहज लगने लगता है, तो आध्यात्मिक परंपराओं में ऐसे अनुभवों को कभी-कभी मन की सूक्ष्म एकाग्रता या साधना के दौरान होने वाले आंतरिक अनुभवों के रूप में देखा जाता है। इसी प्रकार, रात में शरीर का सिकुड़ना या भीतर कुछ खिंचने जैसा महसूस होना भी कुछ साधकों को ध्यान के समय अनुभव हो सकता है। लेकिन केवल इन अनुभवों के आधार पर किसी निश्चित आध्यात्मिक अवस्था का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। आपका लक्ष्य अनुभवों का संग्रह नहीं, बल्कि मन की स्थिरता, नाम सिमरन और ईश्वर के प्रति प्रेम होना चाहिए। यदि ये अनुभूतियाँ बिना दर्द और भय के हैं, तो शांत रहकर नियमित साधना जारी रखें। लेकिन यदि शरीर का सिकुड़ना, दर्द, घबराहट या अन्य असामान्य लक्षण बार-बार हों या बढ़ने लगें, तो किसी योग्य चिकित्सक से भी अवश्य जाँच कराएँ, ताकि किसी शारीरिक...

गुरुजी, मैं नाम जप नहीं करती, लेकिन पिछले चार साल से क्षमा प्रार्थना करती आ रही हूं। फिर भी, मैं इसे और बेहतर तरीके से करना चाहती हूं। कृपया मार्गदर्शन करें कि परमात्मा से माफी कैसे मांगी जाए।

 गुरुजी, मैं नाम जप नहीं करती, लेकिन पिछले चार साल से क्षमा प्रार्थना करती आ रही हूं। फिर भी, मैं इसे और बेहतर तरीके से करना चाहती हूं। कृपया मार्गदर्शन करें कि परमात्मा से माफी कैसे मांगी जाए।?


परमात्मा से माफी मांगने का सबसे अच्छा तरीका है सच्चे दिल से अपनी गलतियों को स्वीकार करना और उनसे सबक लेकर सुधार का संकल्प लेना। ध्यान और प्रार्थना में गहराई से जुड़ें। माफी मांगते समय ईश्वर को अपने माता-पिता या सच्चे मित्र की तरह मानें। उनकी असीम करुणा और क्षमा पर विश्वास रखें। इसके अलावा, अपने कर्मों में सुधार लाएं, दूसरों के प्रति दयालु बनें और सकारात्मक कार्यों से अपने जीवन को पवित्र बनाएं। नियमित रूप से ध्यान, सच्चे मन से प्रार्थना और ईश्वर का स्मरण करें। यही सच्ची क्षमा प्रार्थना है।

Comments

Popular posts from this blog

guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

परमात्मा क्यों भेजता है आत्मा को संसार में?

मैं जब दीये को एक मिनट व देखु फिर आँखे बंद करू तो दिए की ज्योति मुझें आज्ञा चक्र पर दिखाई देती है.....