guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green colour second time ke liye aata hai fir kuch nhi dikh rha पहले तीसरी आंख में नीले रंग की स्क्रीन दिखना शांति, गहराई और आध्यात्मिक सुरक्षा का संकेत था। अब बीच-बीच में हरे रंग का आना दर्शाता है कि आपकी साधना की ऊर्जा हीलिंग, संतुलन और हृदय चक्र से जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह रंग परिवर्तन सामान्य है और साधना के विभिन्न चरणों में होता है। कुछ समय तक रंग न दिखना भी संकेत है कि चेतना आंतरिक स्थिरता ले रही है और मन को विश्राम चाहिए। इसे रुकावट न समझें, बल्कि अभ्यास जारी रखें। धैर्य और नामजप से आगे और गहरे अनुभव होंगे।

ध्यान करने से हमें गुस्सा आना लगता है, हमें क्या करना चाहिए और गुस्सा भी बहुत जाबा आता है, कृपया बताएं ये ऐसा क्यों हो रहा है

 ध्यान करने से हमें गुस्सा आना लगता है, हमें क्या करना चाहिए और गुस्सा भी बहुत जाबा आता है, कृपया बताएं ये ऐसा क्यों हो रहा है?


ध्यान करने से गुस्सा आना एक सामान्य प्रक्रिया हो सकती है, खासकर जब आप गहराई से अपने अंदर छिपी भावनाओं और अवरोधों को अनुभव करने लगते हैं। ध्यान के दौरान दबे हुए भाव सामने आते हैं, जिससे गुस्सा बढ़ सकता है। इसे समस्या न मानें; यह शुद्धिकरण की प्रक्रिया है।

गुस्सा कम करने के लिए:

  1. ध्यान के पहले और बाद में गहरी सांस लें।
  2. अपने ध्यान अभ्यास को संतुलित करें, जैसे शांतिपूर्ण मंत्र (ओम शांति) का जप।
  3. अपनी दिनचर्या में संयम और सकारात्मकता बनाए रखें।
  4. गुस्सा आने पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय ठहरें और उसे समझें।

नियमित अभ्यास से यह धीरे-धीरे शांत हो जाएगा।

Comments

Popular posts from this blog

guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

परमात्मा क्यों भेजता है आत्मा को संसार में?

Main mantra jaap karti hu. Mere sir ke andar beecho beech dhadkan hoti hai ...........