guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green colour second time ke liye aata hai fir kuch nhi dikh rha पहले तीसरी आंख में नीले रंग की स्क्रीन दिखना शांति, गहराई और आध्यात्मिक सुरक्षा का संकेत था। अब बीच-बीच में हरे रंग का आना दर्शाता है कि आपकी साधना की ऊर्जा हीलिंग, संतुलन और हृदय चक्र से जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह रंग परिवर्तन सामान्य है और साधना के विभिन्न चरणों में होता है। कुछ समय तक रंग न दिखना भी संकेत है कि चेतना आंतरिक स्थिरता ले रही है और मन को विश्राम चाहिए। इसे रुकावट न समझें, बल्कि अभ्यास जारी रखें। धैर्य और नामजप से आगे और गहरे अनुभव होंगे।

Kabhi kabhi dhyan karta karta main sas lana bul jata hu. Achanak yad ata hain ki mujha sas lana hain... Aysa kue hota hain

 Kabhi kabhi dhyan karta karta main sas lana bul jata hu. Achanak yad ata hain ki mujha sas lana hain... Aysa kue hota hain ?


ध्यान में गहरी एकाग्रता के दौरान श्वास का स्वतः नियंत्रण हो जाता है, और कभी-कभी हम श्वास को भूल जाते हैं। यह शरीर और मस्तिष्क की स्थिति का संकेत है, जब आप पूरी तरह से मानसिक और शारीरिक रूप से ध्यान में मग्न हो जाते हैं। यह अनुभव तब होता है जब आप ध्यान में पूरी तरह से उपस्थित होते हैं और श्वास स्वतः ही धीमा या अनियमित हो सकता है।

क्या करें:

  1. सचेतन श्वास – श्वास पर ध्यान केंद्रित करने की आदत डालें।
  2. स्मरण रखें – ध्यान करते समय श्वास को धीरे-धीरे नियंत्रित करें।
  3. धैर्य रखें – यह अनुभव धीरे-धीरे समाप्त होगा। 🙏

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