रीढ़ की हड्डी पर कभी ठंडा या गर्मी महसूस होती है इसका क्या मतलब है

 रीढ़ की हड्डी पर कभी ठंडा या गर्मी महसूस होती है इसका क्या मतलब है ?


रीढ़ की हड्डी पर ठंडा या गर्मी महसूस होना ऊर्जा प्रवाह (कुंडलिनी जागरण) से जुड़ा हो सकता है। जब ऊर्जा चक्र सक्रिय होते हैं, तब शरीर में विभिन्न संवेदनाएँ उत्पन्न होती हैं, जैसे ठंडक, गर्मी, झनझनाहट, या कंपन। यह संकेत दे सकता है कि ऊर्जा नाड़ियों में शुद्धिकरण हो रहा है। यदि यह अनुभव सहज और आनंददायक हो, तो इसे स्वीकार करें। लेकिन यदि असुविधा हो, तो अधिक ग्राउंडिंग करें, जैसे पैरों को ज़मीन पर स्थिर रखें और श्वास पर ध्यान दें। नियमित साधना, प्राणायाम और संतुलित आहार इस ऊर्जा प्रवाह को सहज बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

परमात्मा क्यों भेजता है आत्मा को संसार में?

मैं जब दीये को एक मिनट व देखु फिर आँखे बंद करू तो दिए की ज्योति मुझें आज्ञा चक्र पर दिखाई देती है.....