मुझे ध्यान करने के समय काफी दिन से ठंड लगती है, जैसे ठंडी ऊर्जा पैरो से गोल-गोल घूमती हुई सहरत्रर चक्र में निकल जाती है ये ध्यान के समय काई बार हो जाता है

 मुझे ध्यान करने के समय काफी दिन से ठंड लगती है, जैसे ठंडी ऊर्जा पैरो से गोल-गोल घूमती हुई सहरत्रर चक्र में निकल जाती है ये ध्यान के समय काई बार हो जाता है?


ध्यान के दौरान ठंड लगना और पैरों से सहस्रार चक्र तक ऊर्जा का प्रवाह महसूस होना दर्शाता है कि आपकी कुण्डलिनी ऊर्जा सक्रिय हो रही है। ठंडी ऊर्जा का अनुभव इस बात का संकेत हो सकता है कि ऊर्जा शुद्धिकरण कर रही है और ऊर्ध्वगमन (ऊपर की ओर प्रवाहित) हो रही है। यह शुभ संकेत है, लेकिन यदि आपको अधिक ठंड महसूस होती है, तो ध्यान से पहले हल्का व्यायाम करें, गर्म पानी पिएं और शरीर को ढककर रखें। सूर्य नमस्कार और मूलबंध का अभ्यास करने से ऊर्जा संतुलित होगी और ठंडक संतुलित गर्म ऊर्जा में परिवर्तित हो सकती है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

परमात्मा क्यों भेजता है आत्मा को संसार में?

मैं जब दीये को एक मिनट व देखु फिर आँखे बंद करू तो दिए की ज्योति मुझें आज्ञा चक्र पर दिखाई देती है.....