Naad ko drasta bhav se sune ya sadharan tarike se

 नाद को द्रष्टा भाव से सुनना ही बेहतर माना जाता है। इसका अर्थ है कि आप नाद को सुनने की कोशिश या उसमें हस्तक्षेप न करें, बल्कि शांत होकर केवल साक्षी बनकर उसे सुनें। ध्यान को नाद पर टिकाएँ, लेकिन यह अपेक्षा न रखें कि कोई विशेष ध्वनि अवश्य सुनाई दे। नाद तेज हो, धीमा हो, बदलता रहे या कुछ समय के लिए बंद हो जाए—हर स्थिति में केवल साक्षी बने रहें। उसे पकड़ने, बढ़ाने या उसका अर्थ निकालने की कोशिश न करें। धीरे-धीरे मन की चंचलता कम होने पर सूक्ष्म ध्वनि अधिक स्पष्ट अनुभव हो सकती है। यही द्रष्टा भाव की साधना है।

ध्यान में या सपने में भगवान शिव माँ पार्वती को देखा इसका क्या मतलब है कृपया बताएं ओम नमः शिवाय

 

ध्यान में या सपने में भगवान शिव माँ पार्वती को देखा इसका क्या मतलब है कृपया बताएं ओम नमः शिवाय

ध्यान या स्वप्न में भगवान शिव और माँ पार्वती का दर्शन होना एक अत्यंत शुभ संकेत है। यह दर्शाता है कि आपकी साधना गहरी हो रही है और ईश्वरीय कृपा प्राप्त हो रही है। शिव-पार्वती एकता और संतुलन के प्रतीक हैं—यह संकेत हो सकता है कि आपके भीतर चेतना और ऊर्जा का संतुलन स्थापित हो रहा है। यह आपको आध्यात्मिक रूप से आगे बढ़ने और भक्ति मार्ग पर दृढ़ रहने की प्रेरणा देता है। निरंतर ध्यान और मंत्र जप करते रहें, ईश्वरीय आशीर्वाद बना रहेगा। ॐ नमः शिवाय 🙏✨

Comments

Popular posts from this blog

guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

परमात्मा क्यों भेजता है आत्मा को संसार में?

मैं जब दीये को एक मिनट व देखु फिर आँखे बंद करू तो दिए की ज्योति मुझें आज्ञा चक्र पर दिखाई देती है.....