guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green colour second time ke liye aata hai fir kuch nhi dikh rha पहले तीसरी आंख में नीले रंग की स्क्रीन दिखना शांति, गहराई और आध्यात्मिक सुरक्षा का संकेत था। अब बीच-बीच में हरे रंग का आना दर्शाता है कि आपकी साधना की ऊर्जा हीलिंग, संतुलन और हृदय चक्र से जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह रंग परिवर्तन सामान्य है और साधना के विभिन्न चरणों में होता है। कुछ समय तक रंग न दिखना भी संकेत है कि चेतना आंतरिक स्थिरता ले रही है और मन को विश्राम चाहिए। इसे रुकावट न समझें, बल्कि अभ्यास जारी रखें। धैर्य और नामजप से आगे और गहरे अनुभव होंगे।

Agr hm imagine kre kuch touch krne ka or dusre insan ko bhi same bole imagine kro to kya usko bhi same touch ka feeling ayega jo maine kiya plz btaye ?

 Agr hm imagine kre kuch touch krne ka or dusre insan ko bhi same bole imagine kro to kya usko bhi same touch ka feeling ayega jo maine kiya plz btaye ?


अगर आप किसी चीज़ को छूने की कल्पना करते हैं और दूसरे व्यक्ति से भी वही कल्पना करने के लिए कहते हैं, तो उसके लिए भी वही स्पर्श महसूस करना संभव है, लेकिन यह पूरी तरह से उनकी मानसिक संवेदनशीलता और आपके बीच की ऊर्जा कनेक्शन पर निर्भर करेगा। यदि आप दोनों के बीच गहरा मानसिक या आध्यात्मिक जुड़ाव है, तो टेलीपैथी या ऊर्जा के माध्यम से वे भी वैसा ही अहसास महसूस कर सकते हैं। ध्यान, प्राणायाम और मन के संतुलन से यह कनेक्शन और मजबूत हो सकता है।

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