दोनों नाड़ी चलती है उस समय ध्यान कैसे करें कि दशम द्वार खुल जाय?

 दोनों नाड़ी चलती है उस समय ध्यान कैसे करें कि दशम द्वार खुल जाय? ?


जब दोनों नाड़ियाँ (इड़ा और पिंगला) संतुलित रूप से चल रही हों, तो यह सुषुम्ना नाड़ी के सक्रिय होने का संकेत है, जो दशम द्वार (सहस्रार चक्र) को खोलने का मार्ग है। इस समय ध्यान करने के लिए –

  1. पीठ सीधी रखें और सांसों पर ध्यान केंद्रित करें।
  2. "ॐ" का धीमे स्वर में जप करें और उसकी ध्वनि को मस्तिष्क के बीच महसूस करें।
  3. आज्ञा चक्र पर ध्यान केंद्रित करें और ऊर्जा के प्रवाह को महसूस करें।
  4. धीरे-धीरे अपनी चेतना को सहस्रार चक्र (सर के ऊपर) की ओर ले जाएं।

नियमित अभ्यास से दशम द्वार खुलने का अनुभव होगा। 🙏

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