mujhe fragnances atti hai jaise hawan ki....dheyan bhi lgta hai ...agge kya kre.

mujhe fragnances atti hai jaise hawan ki....dheyan bhi lgta hai ...agge kya kre...meri body sometimes raat ko ajib c sikudne lgti hai jaise body main kuch khivh rha ho...ye kya hai n agge kya krain ??  यदि ध्यान के दौरान या उसके बाद आपको हवन जैसी सुगंध का अनुभव होता है और ध्यान भी सहज लगने लगता है, तो आध्यात्मिक परंपराओं में ऐसे अनुभवों को कभी-कभी मन की सूक्ष्म एकाग्रता या साधना के दौरान होने वाले आंतरिक अनुभवों के रूप में देखा जाता है। इसी प्रकार, रात में शरीर का सिकुड़ना या भीतर कुछ खिंचने जैसा महसूस होना भी कुछ साधकों को ध्यान के समय अनुभव हो सकता है। लेकिन केवल इन अनुभवों के आधार पर किसी निश्चित आध्यात्मिक अवस्था का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। आपका लक्ष्य अनुभवों का संग्रह नहीं, बल्कि मन की स्थिरता, नाम सिमरन और ईश्वर के प्रति प्रेम होना चाहिए। यदि ये अनुभूतियाँ बिना दर्द और भय के हैं, तो शांत रहकर नियमित साधना जारी रखें। लेकिन यदि शरीर का सिकुड़ना, दर्द, घबराहट या अन्य असामान्य लक्षण बार-बार हों या बढ़ने लगें, तो किसी योग्य चिकित्सक से भी अवश्य जाँच कराएँ, ताकि किसी शारीरिक...

श्रीमान जी मेरा एक प्रश्न है मै ये जानना चाहता हूं कि जब भी मै अपनी परछाई को सुबह के समय हरी घास पर जब ओस पड़ी हुई होती है, तब देखता हूं तो मुझे परछाई मे मेरे सिर के चारो ओर एक चमकदार घेरा दिखाई देता है।

 श्रीमान जी मेरा एक प्रश्न है मै ये जानना चाहता हूं कि जब भी मै अपनी परछाई को सुबह के समय हरी घास पर जब ओस पड़ी हुई होती है, तब देखता हूं तो मुझे परछाई मे मेरे सिर के चारो ओर एक चमकदार घेरा दिखाई देता है। अगर मेरे साथ कोई मेरे साथ खड़ा हो तो उसकी परछाई मे वो चमकदार घेरा नहीं दिखाई सिर्फ मेरी परछाई में ही वो चमकदार घेरा दिखाई देता है। मैं ये जानना चाहता हूं कि यह चमकदार घेरा क्या है और सिर्फ मेरी ही परछाई में क्यों दिखाई देता है, और मेरे साथ ऐसा बचपन से ही है, ये क्या है कृप्या करके बताएं। ?


जो चमकदार घेरा आप अपनी परछाई के चारों ओर देखते हैं, वह ग्लोरी इफेक्ट (Glory Effect) या प्रभामंडल प्रभाव हो सकता है। यह आमतौर पर तब देखा जाता है जब सूरज की रोशनी नमी या ओस से भरी घास पर गिरती है और प्रकाश किरणें आपकी छाया के चारों ओर एक विशेष परावर्तन और विवर्तन (diffraction) प्रभाव उत्पन्न करती हैं। यह प्रभाव हर किसी में नहीं दिखता, क्योंकि यह आपकी विशिष्ट ऊर्जात्मक स्थिति, दृष्टि की संवेदनशीलता, और प्राकृतिक परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

यदि यह आपको विशेष रूप से बचपन से ही दिखता आ रहा है, तो यह आपकी आभा (Aura) का संकेत भी हो सकता है। कुछ लोग प्राकृतिक रूप से अपनी ऊर्जा को अधिक संवेदनशीलता से देख सकते हैं। यह एक शुभ संकेत है, जो बताता है कि आपकी आध्यात्मिक ऊर्जा या चेतना विशेष रूप से सक्रिय है। इसे ध्यान और साधना के माध्यम से और गहरा समझा जा सकता है।

Comments

  1. Guruji mujhe sir par kuch rengta hua prateet hota hai,mai roz mantra Jaap karti hoon iske alawa koi aur Anubhav nahi ho raha

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