प्रश्न 9. ध्यान में शरीर में कंपन महसूस हो तो क्या करना चाहिए?
सुरत-शब्द का मेल कैसे होता है?
संतमत और आध्यात्मिक साधना में सुरत-शब्द योग को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। यह वह अवस्था है जब साधक की सुरत (चेतना, ध्यान) और शब्द (आनाहत नाद, दिव्य ध्वनि) का मिलन होता है। यह मिलन व्यक्ति को आत्मा से परमात्मा की ओर ले जाता है और आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है।
इस लेख में हम जानेंगे कि सुरत-शब्द का मेल कैसे होता है, इसके क्या लक्षण हैं, और इसे प्राप्त करने के लिए क्या साधना करनी चाहिए।
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