mujhe fragnances atti hai jaise hawan ki....dheyan bhi lgta hai ...agge kya kre.

mujhe fragnances atti hai jaise hawan ki....dheyan bhi lgta hai ...agge kya kre...meri body sometimes raat ko ajib c sikudne lgti hai jaise body main kuch khivh rha ho...ye kya hai n agge kya krain ??  यदि ध्यान के दौरान या उसके बाद आपको हवन जैसी सुगंध का अनुभव होता है और ध्यान भी सहज लगने लगता है, तो आध्यात्मिक परंपराओं में ऐसे अनुभवों को कभी-कभी मन की सूक्ष्म एकाग्रता या साधना के दौरान होने वाले आंतरिक अनुभवों के रूप में देखा जाता है। इसी प्रकार, रात में शरीर का सिकुड़ना या भीतर कुछ खिंचने जैसा महसूस होना भी कुछ साधकों को ध्यान के समय अनुभव हो सकता है। लेकिन केवल इन अनुभवों के आधार पर किसी निश्चित आध्यात्मिक अवस्था का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। आपका लक्ष्य अनुभवों का संग्रह नहीं, बल्कि मन की स्थिरता, नाम सिमरन और ईश्वर के प्रति प्रेम होना चाहिए। यदि ये अनुभूतियाँ बिना दर्द और भय के हैं, तो शांत रहकर नियमित साधना जारी रखें। लेकिन यदि शरीर का सिकुड़ना, दर्द, घबराहट या अन्य असामान्य लक्षण बार-बार हों या बढ़ने लगें, तो किसी योग्य चिकित्सक से भी अवश्य जाँच कराएँ, ताकि किसी शारीरिक...

Guruji muje dhyan me, khbhi chand Or kabhi suraj dhikhai deta he khabhi badal dhikhte he kya sanket he krupya batay

 Guruji muje dhyan me, khbhi chand Or kabhi suraj dhikhai deta he khabhi badal dhikhte he kya sanket he krupya batay?


ध्यान में सूर्य, चंद्रमा और बादल देखना गहरे आध्यात्मिक संकेत हैं। सूर्य शक्ति, चेतना, आत्मज्ञान और ऊर्जा के जागरण का प्रतीक है। यह सौर ऊर्जा (पिंगला नाड़ी) के सक्रिय होने का संकेत देता है। चंद्रमा शांति, भावनात्मक स्थिरता और ठंडक का प्रतीक है। यह चंद्र ऊर्जा (इड़ा नाड़ी) के जागरण को दर्शाता है। बादल विचारों या आंतरिक बाधाओं को दर्शाते हैं। बादल हटने पर आत्मज्ञान प्रकट होता है। इसका अर्थ है कि आपका अंतर्यात्रा संतुलित हो रही है। बस साधना जारी रखें और इसे सहज रूप से स्वीकार करें।

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