guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green colour second time ke liye aata hai fir kuch nhi dikh rha पहले तीसरी आंख में नीले रंग की स्क्रीन दिखना शांति, गहराई और आध्यात्मिक सुरक्षा का संकेत था। अब बीच-बीच में हरे रंग का आना दर्शाता है कि आपकी साधना की ऊर्जा हीलिंग, संतुलन और हृदय चक्र से जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह रंग परिवर्तन सामान्य है और साधना के विभिन्न चरणों में होता है। कुछ समय तक रंग न दिखना भी संकेत है कि चेतना आंतरिक स्थिरता ले रही है और मन को विश्राम चाहिए। इसे रुकावट न समझें, बल्कि अभ्यास जारी रखें। धैर्य और नामजप से आगे और गहरे अनुभव होंगे।

Gurujii me jab kundlini jagrit karnelagta hu to mere leg par jhunjhunawat q hota aur sunn v hota hai q gurujii

 Gurujii me jab kundlini jagrit karnelagta hu to mere leg par jhunjhunawat q hota aur sunn v hota hai q gurujii ?


जब आप कुंडलिनी जागरण की प्रक्रिया में होते हैं, तो ऊर्जा मूलाधार से ऊपर उठने लगती है। इस दौरान पैरों में झुनझुनी या सुन्न महसूस होना एक सामान्य अनुभव है। यह संकेत है कि ऊर्जा (प्राणशक्ति) आपके नाड़ी तंत्र में प्रवाहित हो रही है और रुकावटों को खोल रही है। विशेष रूप से, जब मूलाधार और स्वाधिष्ठान चक्र सक्रिय होते हैं, तो पैरों में संवेदनाएं अधिक महसूस हो सकती हैं।

अगर यह असहज लगता है, तो रोज़ाना भ्रामरी प्राणायाम करें और ध्यान के बाद शरीर को थोड़ा हिलाएं। धीरे-धीरे यह संतुलित होकर सहज हो जाएगा।

Comments

Popular posts from this blog

परमात्मा क्यों भेजता है आत्मा को संसार में?

guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Main mantra jaap karti hu. Mere sir ke andar beecho beech dhadkan hoti hai ...........