mujhe fragnances atti hai jaise hawan ki....dheyan bhi lgta hai ...agge kya kre.

mujhe fragnances atti hai jaise hawan ki....dheyan bhi lgta hai ...agge kya kre...meri body sometimes raat ko ajib c sikudne lgti hai jaise body main kuch khivh rha ho...ye kya hai n agge kya krain ??  यदि ध्यान के दौरान या उसके बाद आपको हवन जैसी सुगंध का अनुभव होता है और ध्यान भी सहज लगने लगता है, तो आध्यात्मिक परंपराओं में ऐसे अनुभवों को कभी-कभी मन की सूक्ष्म एकाग्रता या साधना के दौरान होने वाले आंतरिक अनुभवों के रूप में देखा जाता है। इसी प्रकार, रात में शरीर का सिकुड़ना या भीतर कुछ खिंचने जैसा महसूस होना भी कुछ साधकों को ध्यान के समय अनुभव हो सकता है। लेकिन केवल इन अनुभवों के आधार पर किसी निश्चित आध्यात्मिक अवस्था का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। आपका लक्ष्य अनुभवों का संग्रह नहीं, बल्कि मन की स्थिरता, नाम सिमरन और ईश्वर के प्रति प्रेम होना चाहिए। यदि ये अनुभूतियाँ बिना दर्द और भय के हैं, तो शांत रहकर नियमित साधना जारी रखें। लेकिन यदि शरीर का सिकुड़ना, दर्द, घबराहट या अन्य असामान्य लक्षण बार-बार हों या बढ़ने लगें, तो किसी योग्य चिकित्सक से भी अवश्य जाँच कराएँ, ताकि किसी शारीरिक...

Main sapna vul jata hu..roz...dekhta hu or vul jata hu... Yeh prblm 1 month se ho raha hai.. ?

 Main sapna vul jata hu..roz...dekhta hu or vul jata hu... Yeh prblm 1 month se ho raha hai.. ?


यदि आप रोज़ सपने देखते हैं लेकिन उन्हें भूल जाते हैं, तो यह संकेत हो सकता है कि आपका अवचेतन मन अधिक सक्रिय हो रहा है। ध्यान और मानसिक उथल-पुथल के कारण मस्तिष्क में सूचना का सही ढंग से संग्रह नहीं हो रहा है। इसे सुधारने के लिए सोने से पहले 5 मिनट ध्यान करें और मन को शांत करें। सुबह उठने के बाद तुरंत सपनों को एक डायरी में लिखने की आदत डालें। इससे मस्तिष्क की याददाश्त मजबूत होगी और सपनों को याद रखने में मदद मिलेगी। ओम जप और प्राणायाम से भी मानसिक स्थिरता आएगी।

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