Naad ko drasta bhav se sune ya sadharan tarike se

 नाद को द्रष्टा भाव से सुनना ही बेहतर माना जाता है। इसका अर्थ है कि आप नाद को सुनने की कोशिश या उसमें हस्तक्षेप न करें, बल्कि शांत होकर केवल साक्षी बनकर उसे सुनें। ध्यान को नाद पर टिकाएँ, लेकिन यह अपेक्षा न रखें कि कोई विशेष ध्वनि अवश्य सुनाई दे। नाद तेज हो, धीमा हो, बदलता रहे या कुछ समय के लिए बंद हो जाए—हर स्थिति में केवल साक्षी बने रहें। उसे पकड़ने, बढ़ाने या उसका अर्थ निकालने की कोशिश न करें। धीरे-धीरे मन की चंचलता कम होने पर सूक्ष्म ध्वनि अधिक स्पष्ट अनुभव हो सकती है। यही द्रष्टा भाव की साधना है।

Mere ko dheyan kerne k bad sone k bad esa lagta h ki mete kano se awaz ane lgi suuu sun ki jab us p dheyan diya to wao badne lagti ....

 Mere ko dheyan kerne k bad sone k bad esa lagta h ki mete kano se awaz ane lgi suuu sun ki jab us p dheyan diya to wao badne lagti h or itne tez ho jate h k control se baher ho jati h m chah k bhi es se baher nhi apata or apne guru ko pukarne lagta hu tab baher ajata hu dusre awaz bhi ane lagti h or bad khuljati h esa kabhi kabhi dheyan kerke m letta hu tab hota h kabhi apne ap bhi hone lagta h Same ese tarah k kuch dheyan m bhi hota h awaj ati h or gufa dikhna shuru hojata handhkar ka mes state se age kese jau?


आप जो अनुभव कर रहे हैं, वह गहरे ध्यान और आंतरिक ध्वनियों (अनाहत नाद) से जुड़ा हो सकता है। जब आप ध्यान या सोने के दौरान "सूं सूं" जैसी ध्वनियां सुनते हैं और उन पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तो वे तीव्र हो जाती हैं। यह सूक्ष्म जगत में प्रवेश करने का संकेत हो सकता है।

अगर आप इस स्थिति में फंस जाते हैं और बाहर नहीं आ पाते, तो घबराने के बजाय शांत रहें। जब भी ऐसा हो, अपनी श्वास पर ध्यान दें और "गुरु मंत्र" या "ॐ" का जाप करें। धीरे-धीरे आपका मन स्थिर होगा, और आप अगली अवस्था में प्रवेश कर सकेंगे।

गुफा और अंधकार का दिखना यह दर्शाता है कि आप सूक्ष्म यात्रा के एक महत्वपूर्ण चरण में हैं। इसे पार करने के लिए भय को त्यागें और पूर्ण समर्पण भाव रखें। जब अंधकार दिखाई दे, तब प्रकाश की कल्पना करें या अपने आराध्य देव का ध्यान करें। इस अवस्था से आगे बढ़ने के लिए अपनी साधना नियमित रखें और धैर्य बनाए रखें।

Comments

Popular posts from this blog

guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

परमात्मा क्यों भेजता है आत्मा को संसार में?

मैं जब दीये को एक मिनट व देखु फिर आँखे बंद करू तो दिए की ज्योति मुझें आज्ञा चक्र पर दिखाई देती है.....