guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green colour second time ke liye aata hai fir kuch nhi dikh rha पहले तीसरी आंख में नीले रंग की स्क्रीन दिखना शांति, गहराई और आध्यात्मिक सुरक्षा का संकेत था। अब बीच-बीच में हरे रंग का आना दर्शाता है कि आपकी साधना की ऊर्जा हीलिंग, संतुलन और हृदय चक्र से जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह रंग परिवर्तन सामान्य है और साधना के विभिन्न चरणों में होता है। कुछ समय तक रंग न दिखना भी संकेत है कि चेतना आंतरिक स्थिरता ले रही है और मन को विश्राम चाहिए। इसे रुकावट न समझें, बल्कि अभ्यास जारी रखें। धैर्य और नामजप से आगे और गहरे अनुभव होंगे।

Name jap ma kampn hona or ako bich gugdi hona or asu ana dayn ma jatka lagna or diyan ma Ram name ki awaaz ana Gusa jada ana pith ma kampn or chimrat hona asa kyu ?

 Name jap ma kampn hona or ako bich gugdi hona or asu ana dayn ma jatka lagna or diyan ma Ram name ki awaaz ana  Gusa jada ana pith ma kampn or chimrat hona  asa kyu ?


नाम जप के दौरान कंपन, आंखों के बीच गुदगुदी, आंसू आना, झटका लगना, राम नाम की आवाज़ सुनाई देना, गुस्सा आना, पीठ में कंपन और झनझनाहट महसूस होना सभी लक्षण कुंडलिनी जागरण के संकेत हो सकते हैं। जब आप नाम जप करते हैं, तो आपकी ऊर्जा नाड़ियों (इड़ा, पिंगला, सुषुम्ना) के माध्यम से प्रवाहित होने लगती है, जिससे आज्ञा चक्र (तीसरा नेत्र) और अन्य चक्र सक्रिय होने लगते हैं। आंखों के बीच गुदगुदी और आंसू आना आज्ञा चक्र की सक्रियता के संकेत हैं। पीठ में कंपन कुंडलिनी शक्ति के उठने और रीढ़ की हड्डी से ऊपर उठने का लक्षण है। गुस्सा आना इस बात का संकेत है कि ऊर्जा संतुलित नहीं हो रही है। इसे संतुलित करने के लिए अनुलोम विलोम, भ्रामरी और ओम जप करें। ध्यान के बाद कुछ देर शांत बैठें और धरती से संपर्क बनाए रखें।

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