मै जहाँ भी देखती हूँ जगह जगह जलते हुए बलब् की रोशनी दिखाई देती हैं, कुछ भी देखो सब जगह वही नजर आती है कुछ देर बाद सब सही हों जाता हैं ?

 मै जहाँ भी देखती हूँ   जगह जगह जलते हुए बलब् की रोशनी दिखाई देती हैं, कुछ भी देखो सब जगह वही नजर आती है कुछ देर बाद सब सही हों जाता हैं ?


यह अनुभव आपके आज्ञा (तीसरा नेत्र) या सहस्रार चक्र की सक्रियता का संकेत हो सकता है। जब ऊर्जा इन चक्रों में अधिक सक्रिय होती है, तो प्रकाश से जुड़े अनुभव आम हो सकते हैं। इसे संतुलित करने के लिए:

  1. जमीन से जुड़ें – ग्राउंडिंग करें, नंगे पैर चलें।

  2. शांत ध्यान करें – केवल श्वास पर ध्यान दें, ऊर्जा को अधिक ऊपर न बढ़ने दें।

  3. नेत्र विश्राम करें – खुली हवा में देखें, हल्का आहार लें।

  4. संतुलित दिनचर्या अपनाएं – पर्याप्त नींद लें।

यह अनुभव धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगा।

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