मुझे जब भी ध्यान लगता है तो हमेशा जलता हुआ दीया बुझ गया दिखाई देता है कभी हवा आई बुझ गया कभी दिये मे तेल डाल रही हूं ?

 मुझे जब भी ध्यान लगता है तो हमेशा जलता हुआ दीया बुझ गया दिखाई देता है कभी हवा आई बुझ गया कभी दिये मे तेल डाल रही हूं बुझ गया मतलब बुझता हुआ दीया ही दिखता है । मै बहुत परेशान हूं अपने इस ध्यान से ।कृपया बताईये मै क्या करूं ? 


आपका ध्यान में बार-बार बुझता हुआ दीया देखना संकेत हो सकता है कि आपकी अंतःचेतना किसी बाधा, अस्थिरता या भय की ओर संकेत कर रही है। दीया बुझना आध्यात्मिक ऊर्जा या विश्वास की क्षीणता को दर्शा सकता है। यह भी संभव है कि अवचेतन मन कोई संदेश दे रहा हो कि अभी आपकी साधना में स्थिरता या श्रद्धा की कमी है। आप नियमित रूप से प्राणायाम करें, 'ॐ दीपज्योतये नमः' मंत्र का जाप करें और ध्यान से पहले मन को शांत करने की प्रार्थना करें। दीया जलता रहे, इसका भाव रखें और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।

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