guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green colour second time ke liye aata hai fir kuch nhi dikh rha पहले तीसरी आंख में नीले रंग की स्क्रीन दिखना शांति, गहराई और आध्यात्मिक सुरक्षा का संकेत था। अब बीच-बीच में हरे रंग का आना दर्शाता है कि आपकी साधना की ऊर्जा हीलिंग, संतुलन और हृदय चक्र से जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह रंग परिवर्तन सामान्य है और साधना के विभिन्न चरणों में होता है। कुछ समय तक रंग न दिखना भी संकेत है कि चेतना आंतरिक स्थिरता ले रही है और मन को विश्राम चाहिए। इसे रुकावट न समझें, बल्कि अभ्यास जारी रखें। धैर्य और नामजप से आगे और गहरे अनुभव होंगे।

सीर मे भारी पन गले में भारी पन नाक गाल सब जगह भारी पन सुन टाईप हो रहा है ध्यान मे बेठते ही ?

 सीर मे भारी पन गले में भारी पन नाक गाल सब जगह भारी पन सुन टाईप हो रहा है ध्यान मे बेठते ही ?


ध्यान में बैठते ही सिर, गला, नाक, और गालों में भारीपन व सुन्नता का अनुभव होना दर्शाता है कि आपकी ऊर्जा ऊपर की ओर (उपरी चक्रों) में केंद्रित हो रही है। यह अक्सर तब होता है जब ध्यान के दौरान प्राणशक्ति सहस्रार या आज्ञा चक्र में अधिक टिक जाती है। यह अनुभव शुरुआती साधकों के लिए सामान्य हो सकता है, लेकिन यदि यह लगातार हो रहा है और असहजता दे रहा है, तो कुछ संतुलनकारी प्राणायाम करने की आवश्यकता है।

अनुशंसित प्राणायाम:

  1. अनुलोम-विलोम प्राणायाम – ऊर्जा संतुलन के लिए।

  2. भ्रामरी प्राणायाम – सिर के भारीपन को शांत करने के लिए।

  3. नाड़ी शुद्धि प्राणायाम – शरीर की ऊर्जाओं को संतुलित करने हेतु।

  4. शीतली या शीतकारी प्राणायाम – ठंडक और मानसिक शांति हेतु।

साथ ही, ध्यान से पहले थोड़ी देर ग्राउंडिंग (मूलाधार चक्र पर ध्यान) भी करें। इससे ऊपर की ऊर्जा संतुलित होगी।

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