guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green colour second time ke liye aata hai fir kuch nhi dikh rha पहले तीसरी आंख में नीले रंग की स्क्रीन दिखना शांति, गहराई और आध्यात्मिक सुरक्षा का संकेत था। अब बीच-बीच में हरे रंग का आना दर्शाता है कि आपकी साधना की ऊर्जा हीलिंग, संतुलन और हृदय चक्र से जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह रंग परिवर्तन सामान्य है और साधना के विभिन्न चरणों में होता है। कुछ समय तक रंग न दिखना भी संकेत है कि चेतना आंतरिक स्थिरता ले रही है और मन को विश्राम चाहिए। इसे रुकावट न समझें, बल्कि अभ्यास जारी रखें। धैर्य और नामजप से आगे और गहरे अनुभव होंगे।

dhayan krne k liye baihti hoon toh aank band krke dhyaan k saath saath darr b lagta ha. Koi touch na kri le aa k ?

 dhayan krne k liye baihti hoon toh aank band krke dhyaan k saath saath darr b lagta ha. Koi touch na kri le aa k ?


जब आप ध्यान के लिए आँखें बंद करके बैठती हैं और डर लगता है कि कहीं कोई आकर छू न ले, तो यह मन की एक सामान्य प्रतिक्रिया हो सकती है, विशेषकर शुरुआत में। ध्यान करते समय चेतना भीतर जाती है और बाहर की सुरक्षा पर मन सजग हो जाता है। डर को प्रेम से देखें, उसे भगाएं नहीं। आप चाहें तो "ॐ" या "ॐ नमः शिवाय" का जप करते हुए ध्यान करें, इससे सुरक्षा की अनुभूति होगी। अपने आस-पास एक प्रकाश का घेरा कल्पना करें जो आपको सुरक्षित रखे। नियमित अभ्यास से यह डर धीरे-धीरे स्वतः समाप्त हो जाएगा।

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